“विदेश भेजे जा रहे प्रतिनिधिमंडल सरकार का फैसला है, पार्टी का नहीं”

सर्वदलीय सांसद प्रतिनिधिमंडलों पर शरद पवार ने प्रतिक्रिया

“विदेश भेजे जा रहे प्रतिनिधिमंडल सरकार का फैसला है, पार्टी का नहीं”

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पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर भारतीय सेना द्वारा की गई कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की स्थिति स्पष्ट करने के लिए सर्वदलीय सांसद प्रतिनिधिमंडलों को विभिन्न देशों में भेजने का फैसला किया है। इस पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह किसी पार्टी का नहीं, बल्कि सरकार का निर्णय है।

सोमवार (19 मई) को दिए एक बयान में शरद पवार ने कहा, “यह पार्टी का फैसला नहीं है बल्कि सरकार का फैसला है। जब नरसिम्हा राव सत्ता में थे, तब अटल बिहारी वाजपेयी के मार्गदर्शन में महाराष्ट्र से एक प्रतिनिधिमंडल नियुक्त किया गया था। मैं भी उस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा था। जब अंतरराष्ट्रीय मुद्दों की बात आती है, तो किसी को भी पक्षपातपूर्ण रुख नहीं अपनाना चाहिए। आज सरकार ने एक प्रतिनिधिमंडल बनाया है, जो यह बताएगा कि भारत की भूमिका क्या है।”

सरकार के इस कदम के तहत विभिन्न दलों के सांसदों को शामिल करते हुए कुल चार प्रमुख प्रतिनिधिमंडल गठित किए गए हैं, जिनका लक्ष्य दुनिया को भारत की आतंकवाद के खिलाफ स्थिति और कार्रवाई की पारदर्शिता से जानकारी देना है।

प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख रूपरेखा इस प्रकार है:

यह पहली बार है जब सरकार ने इस तरह के बहुदलीय संवाद के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सैन्य कार्रवाई और सुरक्षा नीति का समर्थन जुटाने की पहल की है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद यह कूटनीतिक प्रयास भारत की बदलती विदेश नीति और आक्रामक वैश्विक स्थिति को दर्शाता है।

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