29 C
Mumbai
Thursday, August 20, 2026
होमदेश दुनिया1984 दंगों के दोषी पूर्व सांसद सज्जन कुमार का निधन!

1984 दंगों के दोषी पूर्व सांसद सज्जन कुमार का निधन!

उच्च न्यायालय के फैसले को उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट की ओर से उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया था।

Google News Follow

Related

कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का गुरुवार को 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। वे दिल्ली के तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। 1984 सिख विरोधी दंगा केस में दिल्ली उच्च न्यायालय की ओर से 14 दिसंबर 2018 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। उच्च न्यायालय के फैसले को उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट की ओर से उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया था।

सज्जन कुमार को 27 अप्रैल 2022 को दंगों से संबंधित एक केस में जमानत मिली थी लेकिन दूसरे मामले में दोषी ठहराए जाने के कारण वे जेल में ही बंद रहे। वे सात वर्षों से तिहाड़ जेल में बंद थे। इस वर्ष अप्रैल के महीने में उन्होंने अपनी बीमार पत्नी से मिलने के लिए सर्वोच्च न्यायालय से जमानत मांगी थी लेकिन न्यायालय की ओर से उनको जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2013 में सज्जन कुमार को निचली अदालत की ओर से बरी किए जाने के फैसले को पलट दिया था। इससे पहले, 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े जनकपुरी, विकासपुरी हिंसा मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने सज्जन कुमार को बरी कर दिया था।

इस हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले के फिर से उजागर होने के बाद एसआईटी ने फरवरी 2015 में सज्जन कुमार और अन्य आरोपियों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की थी।

पहली एफआईआर जनकपुरी में एक नवंबर 1984 को सरदार सोहन सिंह और उनके दामाद अवतार सिंह की हत्या से जुड़ी थी। दूसरी एफआईआर जनकपुरी में 2 नवंबर 1984 को सरदार गुरचरण सिंह को जिंदा जलाकर मार डालने की वारदात के लिए दर्ज की गई थी।

इन मामलों में 7 जुलाई 2025 को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार ने अपना बयान दर्ज कराया था। उन्होंने कहा था कि वह कभी भी 1984 के सिख विरोधी दंगों में शामिल नहीं थे; उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। जांच एजेंसी पर उन्होंने निष्पक्ष जांच नहीं करने का आरोप लगाया था।

सज्जन कुमार पहले से ही 1984 दंगों के एक अन्य मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें दिल्ली कैंट और पालम कॉलोनी क्षेत्र में पांच सिखों की हत्या और एक गुरुद्वारे को जलाने के मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

यह भी पढ़ें-
National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

150,643फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
328,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें