राजा ने यह बयान ‘इंडिया टुडे ग्लोबल’ के ‘स्टेटक्राफ्ट’ शो में दिया, जहां उन्होंने पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसियों से जुड़े अपने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी साझा की।
पाकिस्तान के पूर्व पूर्व मिलिट्री ऑफिसर ने कहा “ISI ने इस हमले को रोकने की कोशिश की, लेकिन जनरल मुनीर ने इसे हरी झंडी दी। उन्होंने अपने व्यक्तिगत राजनीतिक और रणनीतिक एजेंडे के तहत यह करवाया|”
आदिल राजा ने बताया कि वह 21 वर्षों तक पाकिस्तानी सेना में सेवाएं दे चुके हैं और अब एक खोजी पत्रकार के तौर पर लंदन में रहते हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में लोकतंत्र नहीं है और सेना का एक खास वर्ग सत्ता और विदेश नीति पर हावी है।
‘थाउजेंड कट्स’ की रणनीति का हवाला: राजा ने जनरल मुनीर की सोच को एक पुरानी सैन्य रणनीति ‘थाउजेंड कट्स’ से जोड़ा, जिसका मकसद धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाना होता है। उनके अनुसार, यह दर्शन पाकिस्तान की सेना में अब भी प्रचलित है।
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए इस आतंकवादी हमले में 26 आम नागरिकों की जान चली गई थी, जिसके बाद भारत में गहरा आक्रोश है और सुरक्षा एजेंसियों की जांच तेज़ी से जारी है।
आर्थिक ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, पाकिस्तान से आयात-निर्यात पर पूरी तरह बंद !
