उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में बनी करीब ७० साल पुरामी मस्जिद को नगर मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने गुरूवार (16 जुलाई) को हटाने का आदेश दे दिया है। कोर्ट ने इस मस्जिद को सरकारी जमीन पर बना एक अवैध निर्माण माना है। इसके साथ ही कोर्ट ने मस्जिद कमेटी पर 6.41 करोड रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह बड़ा फैसला उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परिसर अधिनियम (PP एक्ट) के तहत आया है। नगर मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया।
बजरंग दल की शिकायत
कोर्ट ने साफ कहा है कि, अवैध कब्जाधारकों को 30 दिन के भीतर खुद ही यह कब्जा हटाना होगा। अगर तय समय में कब्जा नहीं हटाया गया, तो प्रशासन बलपूर्वक बेदखली की कार्रवाई करेगा और जुर्माने की रकम भी वसूल करेगा। इस पूरे मामले की शुरुआत जनवरी 2025 में हुई थी। तब बजरंग दल के तत्कालीन प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने मुख्यमंत्री से इस मस्जिद की लिखित शिकायत की थी। उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि कलेक्ट्रेट परिसर की सरकारी भूमि पर अवैध रूप से मस्जिद का निर्माण कराया गया है। उन्होंने मामले की पूरी जाँच कराने की माँग की थी।
विकास त्यागी ने आरोप लगाया था कि, जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में स्थित इस जगह का इस्तेमाल केवल धार्मिक काम के लिए नहीं हो रहा है। मस्जिद कमेटी द्वारा परिसर में बकायदा एक डाकघर (पोस्ट ऑफिस) चलवाया जा रहा है। इसके साथ ही वहाँ बने कई कमरों को किराए पर देकर मोटी कमाई की जा रही है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत भी इस पर कोई साफ जवाब नहीं मिला था।
शिकायत मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने इसकी पूरी जाँच कराई थी। जाँच में मिले तथ्यों के आधार पर नगर मजिस्ट्रेट की कोर्ट में मुकदमा दायर किया गया। जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश त्यागी के मुताबिक, कलेक्ट्रेट परिसर की खसरा संख्या-539 सरकारी रिकॉर्ड में कचहरी के नाम दर्ज है। इसके 315 वर्गमीटर हिस्से पर मस्जिद बनाई गई है।
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