29 C
Mumbai
Saturday, October 24, 2026
होमदेश दुनियाभगवंत मान की पत्नी पर आरोपों से हरसिमरत कौर का हमला, बोलीं-...

भगवंत मान की पत्नी पर आरोपों से हरसिमरत कौर का हमला, बोलीं- 5 सितंबर को पूछूंगी!

हरसिमरत कौर बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा, "मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी पर 5 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार के आरोप इतने गंभीर है| 

Google News Follow
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी पर 5 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इस संबंध में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के दखल के बाद राजनीति भी तेज हो गई है।
इसी कड़ी में शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधा। रसिमरत कौर बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी पर 5 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार के आरोप इतने गंभीर हैं कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को इसमें दखल देना पड़ा।”

उन्होंने आगे कहा, “पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी की ओर से ‘की गई कार्रवाई की रिपोर्ट’ देखने का बेसब्री से इंतजार है। समय-सीमा 2 हफ्ते की है! इस ट्वीट को सेव कर लें। पंजाब ‘आप’ से मैं 5 सितंबर को फिर पूछूंगी।”

इससे पहले एनएचआरसी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी गुरप्रीत कौर के खिलाफ आरोपों पर संज्ञान लिया। आयोग ने राज्य के अधिकारियों को मामले की जांच करने और कार्रवाई पर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।

एनएचआरसी के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की बेंच ने ‘मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993’ की धारा 12 के तहत इस मामले पर संज्ञान लिया।

रजिस्ट्री को निर्देश दिया गया है कि वह पंजाब सरकार (चंडीगढ़) के मुख्य सचिव और पंजाब के डीजीपी को नोटिस जारी करे। उन्हें निर्देश दिया जाए कि वे शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करवाएं और आयोग के अवलोकन के लिए दो सप्ताह के भीतर ‘की गई कार्रवाई की रिपोर्ट’ सौंपें।

आयोग ने शिकायतकर्ता के हवाले से नोटिस में कहा, “एक रिटायर्ड जज ने सार्वजनिक रूप से कहा कि रेप के एक मामले में 5 करोड़ रुपए की मांग की गई थी, जिसमें कथित तौर पर पंजाब के मुख्यमंत्री की पत्नी शामिल थीं।

‘लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी’ की ओर से दायर इस शिकायत में चिंता जताई गई कि इस तरह का दखल पीड़ित के सम्मान, सुरक्षा, निष्पक्ष जांच और न्याय पाने के अधिकार को प्रभावित कर सकता है। इसमें आरोपों की स्वतंत्र जांच, सबूतों को सुरक्षित रखने और जांच को कमजोर या प्रभावित करने की किसी भी कोशिश की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।”

इसमें कहा गया, “शिकायतकर्ता ने इस बात को उठाया है कि रेप पीड़िता के न्याय पाने का अधिकार किसी भी प्रभाव, रुतबे या पद से ऊपर होना चाहिए। शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया पीड़ित के मानवाधिकारों का उल्लंघन प्रतीत होते हैं।

यह भी पढ़ें-
National Stock Exchange

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited
[td_block_social_counter open_in_new_window="y" style="style6 td-social-boxed" block_template_id="td_block_template_9" border_color="#fbd54a" f_header_font_size="26" f_header_font_weight="700" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXRvcCI6IjAiLCJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJwYWRkaW5nLXRvcCI6IjAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn19" custom_title="हमें फॉलो करें" facebook="NewsDankaHindi" twitter="NewsDanka" youtube="channel/UCqtL0xCsgAmB3XXrh9nln2Q" manual_count_twitter="526" f_header_font_family="668"]

अन्य लेटेस्ट खबरें