असम: राहुल गांधी के जेल भेजने वाले बयान पर हिमंत बिस्वा सरमा का “ठेंगा” जवाब!

राजनीतिक बयानबाज़ी गरमाई

असम: राहुल गांधी के जेल भेजने वाले बयान पर हिमंत बिस्वा सरमा का “ठेंगा” जवाब!

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को कथित भ्रष्टाचार के चलते जेल भेजे जाने की बात कहने के एक दिन बाद, सरमा ने एक प्रेस वार्ता में तीखी प्रतिक्रिया दी और राहुल गांधी को “ठेंगा” दिखाया है। यह प्रतिक्रिया गुरुवार (17 जुलाई)देर रात एक संवाददाता सम्मेलन में दी गई, जो राहुल गांधी की चायगांव यात्रा के बाद आयोजित की गई थी।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान सरमा ने असमिया भाषा में कहा, “मैं असम का बेटा हूं, यहां पैदा हुआ हूं। मैंने दूध की बोतल से नहीं, अपनी मां का दूध पिया है। इसलिए राहुल गांधी को मैं बुर्हा अंगुली दिखा रहा हूं।” उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के कई नेताओं ने उन्हें फोन कर राहुल गांधी की टिप्पणी पर नाराज़गी जताई और कहा कि उन्होंने यहां आकर यह सब क्यों कहा।

मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी की असम यात्रा को उसी दिन हुई एक हिंसक घटना से जोड़ा, जिसमें गोलपाड़ा जिले के पैकन रिज़र्व फॉरेस्ट में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान झड़पें हुईं। सरमा के अनुसार, गांधी के भाषण ने कथित अतिक्रमणकारियों को उकसाया, जिससे वे सरकारी भूमि खाली करवाने के प्रयासों का विरोध करने लगे। “राहुल गांधी ने यहां आकर लोगों को कहा कि उन्हें उसी ज़मीन पर बसाया जाएगा और घर दिए जाएंगे। इन बयानों ने गैरकानूनी कार्यवाही को बढ़ावा दिया,” सरमा ने कहा।

गुरुवार (17 जुलाई) सुबह हुई इस घटना में 21 पुलिसकर्मी और वन विभाग के कर्मचारी घायल हो गए जब उन पर पत्थर और डंडों से हमला किया गया। स्थिति बेकाबू होने पर पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। गोलपाड़ा के ज़िला आयुक्त प्रदीप तिमुंग ने बताया, “वन रक्षक और पुलिस एक निर्धारित और कानूनी बेदखली अभियान के तहत इलाके में पहुंचे थे, लेकिन उन पर हमला किया गया।”

घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है और मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों की जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उनकी बातों का हिंसा से कोई संबंध है। “अगर साक्ष्य मिला, तो दोनों पर कार्रवाई होगी,” सरमा ने कहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि “कई जेलें गांधी परिवार का इंतज़ार कर रही हैं” और यह बताया कि प्रवर्तन निदेशालय ने रॉबर्ट वाड्रा से जुड़ी कई संपत्तियां ज़ब्त की हैं।

राहुल गांधी ने अपनी यात्रा के दौरान आरोप लगाया था कि भाजपा सरकार लोगों से उनकी ज़मीनें छीनकर उन्हें चुनिंदा उद्योगपतियों को सौंप रही है। उन्होंने कहा, “असम ही नहीं, पूरे देश में ज़मीनें छीनी जा रही हैं।” वहीं, सरमा ने इसे “भड़काऊ और भ्रामक” बयान बताया, जिसने असम में अस्थिरता फैलाई।

यह विवाद ऐसे समय में हुआ है जब असम सरकार राज्यभर के वन क्षेत्रों और अन्य अतिक्रमित ज़मीनों पर बेदखली अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री सरमा ने इन अभियानों को पर्यावरण संरक्षण और भूमि सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया है, जबकि विपक्षी दल समाज के हाशिए पर खड़े समुदायों से राजनीतिक लाभ उठाने के लिए अग्रेसर दीखता है।

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