32 C
Mumbai
Sunday, April 26, 2026
होमक्राईमनामाजस्टिस यशवंत वर्मा ने महाभियोग की सिफारिश को सुप्रीम कोर्ट में दी...

जस्टिस यशवंत वर्मा ने महाभियोग की सिफारिश को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

कहा- “मुझसे नहीं मिला पूरा मौका”

Google News Follow

Related

दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा जिनके सरकारी आवास से जली हुई नकदी की बरामदगी के बाद भ्रष्टाचार के आरोपों में महाभियोग की सिफारिश की गई थी। इस पर जस्टिस वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दाखिल कर पूरी कार्रवाई को रद्द करने की मांग की है। यह घटनाक्रम संसद के मानसून सत्र (21 जुलाई से) ठीक पहले सामने आया है, जिसमें केंद्र सरकार उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी में है।

जस्टिस वर्मा की याचिका में 8 मई को तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना द्वारा राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजी गई महाभियोग की सिफारिश को खारिज करने की मांग की गई है। उनका कहना है कि यह सिफारिश एक असंवेदनशील और एकतरफा प्रक्रिया पर आधारित है, जिसने उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन किया।

जस्टिस वर्मा ने आरोप लगाया है कि तीन-न्यायाधीशीय इन-हाउस समिति ने उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिए बिना नकारात्मक निष्कर्ष निकाल दिए। याचिका के अनुसार, समिति ने 14 मार्च को दिल्ली स्थित उनके लुटियन्स बंगले से बरामद कथित नकदी से संबंधित मौलिक तथ्यों की जांच ही नहीं की। उन्होंने कहा, “भले ही कुछ राशि वहां मिली हो, पर उसकी मालिकाना हक, प्रामाणिकता और परिस्थितियों की जांच के बिना मुझ पर दोष मढ़ना अनुचित है।” वर्मा ने यह भी कहा कि समिति ने जल्दीबाज़ी में निष्कर्ष निकालते हुए कोई निष्पक्ष अवसर नहीं दिया।

बता दें की, 14 मार्च की रात 11:35 बजे जस्टिस वर्मा के बंगले में आग लगने की सूचना पर अधिकारी वहां पहुंचे। आग बुझाने के दौरान एक स्टोररूम से भारी मात्रा में जली हुई नकदी जलते हुए सामने आयी। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस डी. के. उपाध्याय ने प्राथमिक जांच की और वर्मा से न्यायिक कार्यभार हटा दिया गया। 24 मार्च को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उन्हें उनके मूल कार्यक्षेत्र इलाहाबाद हाईकोर्ट वापस भेजने की सिफारिश की। 26 मार्च को तत्कालीन सीजेआई खन्ना ने एक इन-हाउस समिति बनाकर मामले की जांच का आदेश दिया, जिसकी रिपोर्ट बाद में वेबसाइट पर अपलोड की गई।

इस रिपोर्ट में तस्वीरें और वीडियो भी वायरल हुए थे नकदी बरामदगी से संबंधित थे।

दरम्यान महाभियोग प्रक्रिया पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने ANI से कहा, “यह मुद्दा न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़ा है, इसलिए इसमें राजनीति की कोई गुंजाइश नहीं है। हम सभी दलों से संपर्क कर रहे हैं ताकि महाभियोग प्रस्ताव को संवैधानिक बहुमत के साथ आगे बढ़ाया जा सके।” सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट पहले ही प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भेजी जा चुकी है, और संसद में प्रस्ताव लाने की तैयारी अंतिम चरण में है। भारत के इतिहास में केवल कुछ ही न्यायाधीशों के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू हुई है, और अधिकांश मामलों में जजों ने प्रस्ताव पारित होने से पहले इस्तीफा दे दिया।

क्या कहती है जस्टिस वर्मा की याचिका?

जस्टिस यशवंत वर्मा की याचिका में यह तर्क दिया गया है कि तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश द्वारा की गई महाभियोग की सिफारिश असंवैधानिक और अवैध है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने एकतरफा ढंग से निष्कर्ष निकाला और उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं दिया गया। जस्टिस वर्मा ने स्पष्ट रूप से इनकार किया है कि उनके या उनके परिवार के किसी भी सदस्य ने बंगले के स्टोररूम में कोई नकदी रखी थी। उनका कहना है कि समिति ने बिना निष्पक्ष सुनवाई के निर्णय लिया, जिससे उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन हुआ है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सुप्रीम कोर्ट इन-हाउस जांच समिति की प्रक्रिया की वैधता को जांच के दायरे में लाता है या नहीं। साथ ही, क्या संसद में महाभियोग प्रस्ताव को राजनीतिक दलों का समर्थन मिलेगा, यह मानसून सत्र की सबसे अहम सियासी बहसों में से एक बन सकती है।

यह भी पढ़ें:

स्वच्छता सर्वेक्षण 2025: नोएडा बना देश का सबसे स्वच्छ शहर, मिला गोल्डन अवॉर्ड!

राहुल गांधी की चुप्पी पाकिस्तान के प्रति प्रेम जाहिर करती है : तरुण चुघ!

अमेरिका ने पहलगाम का हमला करने वाले TRF को घोषित किया वैश्विक आतंकी संगठन

TRF को वैश्विक आतंकी संगठन घोषित करने के अमेरिकी फैसले का भारत से स्वागत!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,131फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
304,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें