पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जीत और सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण के बाद अब पूर्वोत्तर के द्वार ‘आसाम’ में भी नई सरकार के गठन की आधिकारिक घोषणा हो गई है। भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से हिमंता बिस्वा सरमा को एक बार फिर नेता चुन लिया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उनके नाम का औपचारिक ऐलान किया, जिसके बाद यह साफ हो गया है कि हिमंता ही असम की कमान संभालेंगे।
हिमंता बिस्वा सरमा 12 मई को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह दूसरी बार होगा जब वह आसाम के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालेंगे । शपथ ग्रहण समारोह गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज फील्ड में आयोजित किया जाएगा।
इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और देश के लगभग 22 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया गया है, जो भाजपा के बढ़ते प्रभाव और असम की रणनीतिक जीत का प्रतीक है।
आसाम में सरकार गठन की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए भाजपा ने पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी को पर्यवेक्षक नियुक्त किया था। 10 मई को हुई बैठक में हिमंता बिस्वा सरमा को निर्विरोध विधायक दल का नेता चुना गया। ज्ञात हो कि सरमा ने 6 मई को अपना इस्तीफा सौंप दिया था और वर्तमान में वे कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
आसाम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 4 मई को आए चुनावी नतीजों ने भाजपा की लोकप्रियता पर मुहर लगा दी है, NDA (भाजपा के नेतृत्व में गठबंधन) को कुल 82 सीटें जीतकर बहुमत के आंकड़े (64) को काफी पीछे छोड़ दिया।कांग्रेस मात्र 19 सीटों पर सिमट गई और इनमें से 18 विधायक मुस्लिम है। BOPF और AGP दोनों को 10-10 सीटें मिलीं। बदरुद्दीन अजमल की पार्टी AIUDF का जनाधार बुरी तरह गिरा और उन्हें केवल 2 सीटें मिलीं।
2026 के चुनावों में आसाम का जनादेश स्पष्ट रहा। भाजपा को मुख्य रूप से हिंदू मतदाताओं का भारी समर्थन मिला, जिसने राज्य में सांस्कृतिक पहचान और बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ सुरक्षा के मुद्दे को प्राथमिकता दी। वहीं, कांग्रेस को केवल मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में ही सफलता मिल सकी, लेकिन उनकी कुल संख्या बेहद कम रही। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हिमंता बिस्वा सरमा की ‘कठोर और स्पष्टवादी’ छवि ने असमिया अस्मिता की रक्षा के प्रति जनता में विश्वास भरा है।
वर्ष 2016 भाजपा पहली बार सत्ता में आई, सर्वानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। 2021 में हिमंता बिस्वा सरमा पहली बार मुख्यमंत्री बने। 2026 में हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने नेतृत्व में प्रचंड जीत दर्ज कर लगातार दूसरी बार सत्ता वापसी की।गुवाहाटी में शपथ ग्रहण की तैयारियां जोरों पर हैं और पूरा शहर भाजपा के झंडों और पोस्टर से पट गया है। यह समारोह केवल आसाम नहीं, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर में भाजपा की पकड़ का एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन साबित होगा।
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