पश्चिम बंगाल के इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। कभी ममता बनर्जी के ‘दाहिने हाथ’ माने जाने वाले सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार (09 मई) को पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। कोलकाता का ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड इस भव्य शक्ति प्रदर्शन का गवाह बना, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्र सरकार की पूरी कैबिनेट मौजूद रही।
रवींद्र जयंती पर ‘सांस्कृतिक’ शपथ
भाजपा ने शपथ ग्रहण के लिए 9 मई की तारीख चुनी, जिसे नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती (रवींद्र जयंती) के रूप में मनाया जाता है। यह तृणमूल कांग्रेस के उस ‘बाहरी’ और ‘उत्तर भारतीय पार्टी’ वाले नैरेटिव का करारा जवाब था, जिसमें आरोप लगाया जाता था कि भाजपा बंगाल की संस्कृति का सम्मान नहीं करती। शुभेंदु अधिकारी ने पूरी तरह बांग्ला भाषा में शपथ लेकर स्थानीय अस्मिता को और मजबूती दी।
शपथ ग्रहण के दौरान शुभेंदु अधिकारी एक साधारण भगवा कुर्ते में नजर आए। उनकी यह सादगी ममता बनर्जी की सफेद साड़ी और रबर की चप्पल वाली छवि के मुकाबले भाजपा की नई ‘माटी-मानुष’ वाली पहचान के रूप में देखी जा रही है।
कार्यक्रम की शुरुआत में एक बेहद भावुक पल तब आया जब प्रधानमंत्री मोदी ने 98 वर्षीय माखनलाल सरकार के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और उन्हें गले लगाया। माखनलाल सरकार बंगाल में भाजपा के सबसे पुराने कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने 1952 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कश्मीर आंदोलन में भाग लिया था और जेल गए थे।
शुभेंदु अधिकारी के साथ भाजपा के कई दिग्गज नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। नई सरकार में उत्तर बंगाल और आदिवासी क्षेत्रों का विशेष ध्यान रखा गया है।
पश्चिम बंगाल भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता दिलीप घोष, भाजपा की तेजतर्रार नेत्री अग्निमित्रा पॉल, उत्तर बंगाल का प्रमुख चेहरा और पूर्व केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक, रानीबांध से विधायक और आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व क्षुदिराम टुडू और पश्चिम बंगाल भाजपा संगठन के मजबूत स्तंभ माने जाने वाले अशोक कीर्तनिया और शंकर घोष ने शपथ ली।
ब्रिगेड ग्राउंड में ‘झालमुड़ी’ और ‘मिष्टी’ का स्वाद
बंगाल की संस्कृति को सम्मान देने के लिए कार्यक्रम स्थल पर मिठाई मिष्टी दोई और बंगाल के मशहूर स्नैक ‘झालमुड़ी’ के 20 स्टाल लगाए गए थे। ज्ञात हो कि अप्रैल में झारग्राम की एक रैली के दौरान पीएम मोदी ने अचानक रुककर झालमुड़ी का आनंद लिया था, जिसने खूब सुर्खियां बटोरी थीं।
जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्मभूमि पर भाजपा की यह जीत पार्टी के लिए वैचारिक रूप से सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि केंद्र के लिए बंगाल की यह जीत कितनी महत्वपूर्ण है।
9 मई 2026 की यह दोपहर पश्चिम बंगाल की राजनीति में 15 साल के टीएमसी शासन के अंत और एक नए अध्याय की औपचारिक शुरुआत के रूप में याद रखी जाएगी।
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