पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान कर चुके MLA हुमायूं कबीर को तृणमूल कांग्रेस पार्टी से निकाल दिया गया है। पार्टी के एक्शन के बाद कबीर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। उन्होंने दावा किया है कि अगले विधानसभा चुनाव के बाद ममता बनर्जी मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगी। मस्जिद के शिलान्यास का ऐलान करने के बाद सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था। अब कबीर ने अपनी पार्टी बनाने का इशारा किया है।
गुरुवार (4 दिसंबर) को रिपोर्टर्स से बात करते हुए कबीर ने कहा, “मुख्यमंत्री को पूर्व मुख्यमंत्री बनना होगा। 2026 में मौजूदा मुख्यमंत्री, ‘मुख्यमंत्री’ नहीं रहेंगे। वे शपथ नहीं लेंगे और उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री कहा जाएगा।” कबीर ने शुक्रवार(6 दिसंबर) को TMC से अपने इस्तीफे का ऐलान किया। कबीर ने दावा किया था कि वह 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद का शिलान्यास करेंगे। बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं।
गुरुवार को कबीर ने कहा था, “मैं कल TMC से इस्तीफा दे दूंगा। अगर ज़रूरत पड़ी तो 22 दिसंबर को नई पार्टी का ऐलान करूंगा।” पार्टी के ज़िला प्रेसिडेंट से अपनी मीटिंग के बारे में उन्होंने कहा, “मैं ज़िला प्रेसिडेंट से मिलने आया हूं और बाद में कमेंट करूंगा। लेकिन मुझे पार्टी से सस्पेंड किया गया है, मेरे MLA पद से नहीं। पहले मीटिंग होने दो।”
MLA कबीर ने पहले ऐलान किया था, “हम 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद ज़िले के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास करेंगे।” उन्होंने कहा था कि इसे पूरा होने में तीन साल लगेंगे। इस इवेंट में कई मुस्लिम नेता शामिल होंगे।
जब सस्पेंशन की खबर आई तो कबीर बहरामपुर में मुख्यमंत्री की SIR विरोधी रैली की जगह पर बैठे थे, जहां तृणमूल ने पहले उन्हें बुलाया था। कबीर ने इसे “जानबूझकर की गई बेइज्जती” बताया। उन्होंने कहा, “मुझे कोई लेटर नहीं मिला है। लेकिन मैं शुक्रवार या सोमवार को विधानसभा की मेंबरशिप से इस्तीफा दे दूंगा।”
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