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Sunday, October 4, 2026
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तलवारों साजिशों से भारत पर वार, पीएम मोदी बोले एकजुट रहें!

गुजरात के सोमनाथ में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के पास सोमनाथ जैसे हजारों साल पुराने पुण्य स्थल हैं। 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अवसर पर विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि देश में वह ताकतें मौजूद और पूरी तरह सक्रिय हैं, जिन्होंने सोमनाथ पुनर्निर्माण का विरोध किया। आज तलवारों की जगह दूसरे तरीके से भारत के खिलाफ षड्यंत्र हो रहे हैं।

गुजरात के सोमनाथ में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के पास सोमनाथ जैसे हजारों साल पुराने पुण्य स्थल हैं। ये स्थल हमारे सामर्थ्य, प्रतिरोध और परंपरा के पर्याय रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य से आजादी के बाद गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने इनसे पल्ला झाड़ने की कोशिश की। उस इतिहास को भुलाने के कुत्सित प्रयास किए गए।

पीएम मोदी ने कहा, “हम जानते हैं कि सोमनाथ की रक्षा के लिए कैसे-कैसे बलिदान दिए गए। अनेकों नायकों का इतिहास सोमनाथ मंदिर से जुड़ा है, लेकिन दुर्भाग्य से उतना महत्व नहीं दिया गया है।

बाकी आक्रमण के इतिहास को भी कुछ इतिहासकारों और राजनेताओं की तरफ से ‘व्हाइट वॉश’ करने की कोशिश की गई। मजहबी उन्माद की मानसिकता को सिर्फ साधारण लूट बताकर उसे ढकने के लिए किताबें लिखी गईं। सोमनाथ मंदिर एक बार नहीं, बल्कि बार-बार तोड़ा गया।”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “अगर सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण सिर्फ आर्थिक लूट के लिए हुए होते तो हजार साल पहले पहली बड़ी लूट के बाद रुक गए होते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सोमनाथ के पवित्र विग्रह को तोड़ा गया था।

बार-बार मंदिर का स्वरूप बदलने की कोशिश हुई। फिर भी हमें पढ़ाया गया कि सोमनाथ मंदिर को लूट के लिए तोड़ा गया था। नफरत, अत्याचार और आतंक का असली क्रूर इतिहास हमसे छिपाया गया।”

उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “हममें से धर्म के प्रति ईमानदार कोई भी व्यक्ति ऐसी सोच का कभी समर्थन नहीं करेगा। लेकिन तुष्टिकरण के ठेकेदारों ने इस कट्टरपंथी सोच के आगे घुटने टेके। जब भारत गुलामी की बेड़ियों से मुक्त हुआ, जब सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ के पुनर्निर्माण की शपथ ली, तो उन्हें भी रोकने की कोशिश की गई। 1951 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के यहां आने पर भी आपत्ति जताई गई।”

देशवासियों से आह्वान करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे लोगों से हमें ज्यादा सावधान रहना है, हमें खुद को शक्तिशाली बनाना है, हमें एकजुट रहना है।

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