लुटनिक के अनुसार, अमेरिका भारत के बाजार में अपने उत्पाद बेचना चाहता है लेकिन भारत उन्हें अनुमति नहीं दे रहा। इस पर नाराज़ होकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीधे तौर पर भारत पर ऊंचा टैरिफ लगाने का निर्णय लिया। मंत्री ने यहां तक कहा कि इतनी छोटी-सी बात के लिए अमेरिका ने भारत के साथ दशकों पुराने व्यापारिक रिश्ते बिगाड़ लिए हैं।
उन्होंने आगे खुलासा किया कि राष्ट्रपति ट्रंप न केवल भारत बल्कि कनाडा और ब्राज़ील जैसे सहयोगियों पर भी दबाव बना रहे हैं। ट्रंप का साफ संदेश है कि अगर ये देश शुल्क कम नहीं करेंगे तो अमेरिका भी बराबरी का जवाब देगा।
लुटनिक ने कहा, “भारत दावा करता है कि उसके पास 1.4 अरब लोग हैं, लेकिन वे अमेरिका से थोड़ा-सा मक्का भी खरीदने को तैयार नहीं। वे हमें सब कुछ बेचते हैं, लेकिन जब हमारी बारी आती है तो शुल्क लगा देते हैं। क्या यह न्यायसंगत है?”
अमेरिकी मंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप निष्पक्ष और पारस्परिक व्यापार चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शुल्क नहीं घटाए गए तो भारत को अमेरिका के साथ व्यापार में और कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
भारत ने अमेरिका के इस कदम को अनुचित और अविवेकपूर्ण बताया है। नई दिल्ली का कहना है कि टैरिफ लगाने से न केवल द्विपक्षीय रिश्ते प्रभावित होंगे बल्कि वैश्विक व्यापार पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा। कुल मिलाकर, टैरिफ वॉर अब दोनों देशों के रिश्तों की बड़ी परीक्षा बन गई है।
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