कर्नाटक: उद्घाटन का निमंत्रण ईमेल से मिलने पर नाराज हुए कांग्रेस विधायक; कंपनी की बिजली काटने के दी धमकी

एयरबस H-125 प्लांट उद्घाटन पर विवाद

कर्नाटक: उद्घाटन का निमंत्रण ईमेल से मिलने पर नाराज हुए कांग्रेस विधायक; कंपनी की बिजली काटने के दी धमकी

Karnataka: Congress MLA angry after receiving invitation to inauguration via email; threatens to cut off power supply to company

कर्नाटक के कोलार से कांग्रेस विधायक कोथूर मंजुनाथ ने एयरबस H-125 हेलीकॉप्टर असेंबली यूनिट के उद्घाटन को लेकर विवाद खड़ा कर दिया है। विधायक ने कथित तौर पर उद्घाटन समारोह का निमंत्रण केवल ‘ईमेल’ के माध्यम से मिलने पर नाराजगी जताते हुए संयंत्र की बिजली आपूर्ति काटने तक की धमकी दे दी।

यह हेलीकॉप्टर असेंबली यूनिट 17 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इम्मानुएल मैक्रो द्वारा वर्चुअली उद्घाटित की गई थी। यह परियोजना वेमगल इंडस्ट्रियल एरिया में स्थापित की गई है और इसे देश की एयरोस्पेस क्षमताओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कोथुर मंजूनाथ ने सार्वजनिक रूप से कहा कि यदि स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी की गई तो वह संयंत्र की बिजली आपूर्ति बंद करा देंगे। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे ट्रैक्टरों का इस्तेमाल कर बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि टाटा एडवांस सिस्टम द्वारा स्थानीय लोगों को पर्याप्त रोजगार नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, “उन्होंने हमारी ज़मीन ले ली है लेकिन हमारे लोगों को नौकरी नहीं दे रहे हैं, उन्हें अंदर नहीं आने दे रहे हैं। देखते हैं कि क्या वे चुने हुए प्रतिनिधियों की ताकत को समझते हैं।”

विधायक का दावा है कि वेमगल टाउन पंचायत के सदस्यों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को उद्घाटन समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया, जो प्रक्रिया का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने इसे स्थानीय जनप्रतिनिधियों को हाशिए पर धकेलने के आरोप लगाते हुए कहा कि जमीन स्थानीय लोगों की होने के बावजूद उन्हें उचित भागीदारी नहीं दी जा रही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों को केवल सुरक्षा गार्ड जैसी नौकरियां दी गईं, जबकि बेहतर पदों पर बाहरी लोगों की नियुक्ति की गई।

विधायक के बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई। जेडी(एस) नेता निखिल कुमारस्वामी ने टिप्पणी को भड़काऊ बताते हुए कहा, “बेहतर होगा कि कांग्रेस विधायक केंद्र सरकार के इस प्रोजेक्ट का समर्थन करें, बजाय इसके कि वे इस पर बात करें कि किसे नहीं बुलाया गया, किसे बुलाया गया था।” उन्होंने कहा कि कर्नाटक की औद्योगिक प्रगति के लिए जनप्रतिनिधियों के सहयोग की आवश्यकता है।

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बिवाई विजयेंद्रन ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मुझे लगता है कि वह भूल गए हैं कि हम एक डेमोक्रेटिक सिस्टम में रहते हैं, इस तरह की धमकी देने से उन्हें कोई मदद नहीं मिलेगी। एक पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर उन्हें ज़्यादा ज़िम्मेदारी से बात करनी चाहिए।” फिलहाल इस मामले ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। औद्योगिक निवेश, स्थानीय रोजगार और राजनीतिक शिष्टाचार को लेकर बहस तेज हो गई है।

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