उन्होंने आरोप लगाया कि एल खियांगते की गिरफ्तारी बड़ी मछली को बचाने के लिए की गई है। सांसद ने कहा कि छात्रों की मुख्य मांग पूरे मामले की सीबीआई जांच है और सरकार को निष्पक्ष जांच के लिए यह मामला सीबीआई को सौंप देना चाहिए।
एल खियांगते की गिरफ्तारी पर विष्णु दयाल राम ने कहा कि उन्हें लगता है कि यह कार्रवाई किसी बड़ी मछली को बचाने के लिए की गई है। उन्होंने कहा कि छात्रों की ओर से लगातार मांग की जा रही है कि पूरे मामले को सीबीआई के हवाले किया जाए।
छात्रों को भी यह भरोसा होना चाहिए कि जांच निष्पक्ष तरीके से होगी। ऐसी परिस्थिति में भी सीबीआई को जांच नहीं सौंपा जाना दाल में कुछ काला होने का संकेत देता है।
रांची में छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज को लेकर भी विष्णु दयाल राम ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्रों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और छात्रों ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा। इसके बावजूद प्रदर्शन स्थल पर बैरिकेड और कंटीले तार लगाए गए।
इस तरह के तारों का इस्तेमाल आमतौर पर भारत-पाकिस्तान सीमा जैसे संवेदनशील इलाकों में देखा जाता है। उन्होंने सवाल किया कि अपने ही राज्य के छात्रों को रोकने के लिए कंटीले तारों का इस्तेमाल किस हद तक उचित है। उन्होंने इसे छात्रों के प्रति सरकार के रवैये पर गंभीर सवाल बताते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई स्वीकार्य नहीं लगती।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के उस बयान पर कि सरकार संसद में चर्चा के लिए तैयार है और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह जवाब देंगे, विष्णु दयाल राम ने कहा कि सरकार हमेशा संसद में जवाब देने के लिए तैयार रही है।
कई बार सदन के पटल पर यह बात रखी जा चुकी है कि सरकार हर विषय पर चर्चा और जवाब के लिए तैयार है। सरकार किसी भी मुद्दे पर जवाब देने से पीछे नहीं हटती। संसद लोकतांत्रिक बहस का मंच है और वहां उठने वाले विषयों पर सरकार अपनी बात रखने के लिए तैयार रहती है।
झारखंड में सरकार की ओर से जांच की घोषणा, अधिकारियों पर कार्रवाई और राज्यपाल द्वारा तीन इस्तीफे स्वीकार किए जाने के बावजूद छात्रों के आंदोलन जारी रखने पर भी विष्णु दयाल राम ने प्रतिक्रिया दी।
सीबीआई मामले की गहराई से और निष्पक्ष जांच कर सकती है। अगर जांच सीबीआई को सौंपी जाती है तो दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह कितना भी बड़ा व्यक्ति क्यों न हो।
एफसीआरए विधेयक पर चर्चा से पहले कांग्रेस द्वारा अपने लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किए जाने पर भी विष्णु दयाल राम ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी का आंतरिक मामला है।
जब कोई विधेयक सदन में आता है तो सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा होनी चाहिए, ताकि अलग-अलग विचार सामने आएं और उसके बाद ही विधेयक को पारित करने की प्रक्रिया आगे बढ़े।
पश्चिम बंगाल में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दौरे के दौरान कथित तौर पर नारेबाजी, उनकी कार पर मिट्टी और चप्पलें फेंके जाने की घटना पर भी विष्णु दयाल राम से टिप्पणी की। भाजपा सांसद ने कहा कि यह घटना जनता में व्याप्त आक्रोश का परिणाम है।



