राज्य सरकार द्वारा प्रति कन्या विवाह पर 55 हजार खर्च किए जाते हैं, जिसमें 49 हजार रुपए कन्या को और छह हजार आयोजन पर व्यय होते हैं। इस योजना के तहत होने वाले विवाह के लिए तारीख भी तय कर दी गई है।
प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग के मुताबिक, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के प्रभावी व्यवस्थित और गरिमापूर्ण ढंग से आयोजन के लिए विभाग द्वारा सामूहिक विवाह समारोह में भाग लेने वाले जोड़ों की न्यूनतम संख्या 11 और अधिकतम संख्या 200 निर्धारित की गई है। प्रदेश के 55 जिलों में इन अवसरों पर 800 जोड़े, यानी 44 हजार जोड़ों का विवाह संभव हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 51 हजार 899 मुख्यमंत्री कन्या विवाह तथा 28 हजार 362 मुख्यमंत्री निकाह कराए गए हैं। इन हितग्राहियों को 321 करोड़ 41 लाख 58 हजार की सहायता प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में भाग लेने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीयन कराया जा सकता है। योजना में 49 हजार रुपए की राशि कन्या के बैंक खाते में तथा 6 हजार रुपए की राशि आयोजन समिति को दी जाती है। कुल 55 हजार रुपए प्रति विवाह खर्च किया जाता है।
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