मध्य प्रदेश हाई कोर्ट: कांग्रेस विधायक का चुनाव निरस्त, भाजपा उम्मीदवार विजयी घोषित

हलफनामे में नहीं दी थी आपराधिक मामलों की पूरी जानकारी

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट: कांग्रेस विधायक का चुनाव निरस्त, भाजपा उम्मीदवार विजयी घोषित

Madhya Pradesh High Court: Election of Congress MLA cancelled, BJP candidate declared victorious

मध्य प्रदेश उच्च न्यायलय ने एक अहम फैसला देते हुए में विजयपुर विधानसभा सीट से निर्वाचित कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव रद्द कर दिया है। अदालत ने पाया कि मल्होत्रा ने अपने नामांकन के साथ दाखिल हलफनामे में आपराधिक मामलों की पूरी जानकारी नहीं दी थी। कोर्ट ने इसे महत्वपूर्ण तथ्य छिपाना बताते हुए चुनाव को अमान्य करार दिया।

साथ ही अदालत ने यह भी आदेश दिया कि चूंकि इस उपचुनाव में दूसरे स्थान पर रहने वाले उम्मीदवार रामनिवास रावत को अगला सर्वाधिक मत प्राप्त हुआ था, इसलिए उन्हें ही विजयपुर विधानसभा क्षेत्र का निर्वाचित विधायक घोषित किया जाए।

यह फैसला न्यायमूर्ति जी. एस. अहलूवालिया की एकल पीठ ने सुनाया। अदालत रामनिवास रावत द्वारा दायर चुनाव याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने नवंबर 2024 में हुए विजयपुर (जिला श्योपुर) विधानसभा उपचुनाव के परिणाम को चुनौती दी थी।

उपचुनाव की पृष्ठभूमि:

विजयपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव नवंबर 2024 में हुआ था। दरअसल, रामनिवास रावत ने 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी, लेकिन बाद में उन्होंने विधानसभा से इस्तीफा दिया और भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़ गए। सीट खाली होने के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव करवाया। 13 नवंबर 2024 को मतदान हुआ था और 23 नवंबर को परिणाम घोषित किए गए थे, जिसमें कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा विजयी घोषित हुए थे।

आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने का आरोप:

याचिका में आरोप लगाया गया था कि मुकेश मल्होत्रा के खिलाफ कुल छह आपराधिक मामले दर्ज थे। हालांकि नामांकन पत्र के साथ दाखिल किए गए Form-26 हलफनामे में उन्होंने दो लंबित मामलों की अधूरी जानकारी दी और चार मामलों का पूरी तरह उल्लेख ही नहीं किया।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आपराधिक मामलों की स्थिति और चरण की पूरी जानकारी न देना अपने आप में महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने के बराबर है। न्यायालय ने कहा, “पेंडिंग केस किस स्टेज पर हैं, इस बारे में पूरी जानकारी न देना, अपने आप में एक ज़रूरी बात को दबाने जैसा होगा, जिससे करप्ट प्रैक्टिस होगी।”

मतदाताओं के अधिकारों पर असर

अदालत ने यह भी कहा कि महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने से मतदाताओं को सही जानकारी के आधार पर निर्णय लेने का अवसर नहीं मिलता। इससे मतदान के अधिकार के स्वतंत्र प्रयोग में बाधा उत्पन्न होती है।

कोर्ट ने यह भी माना कि मल्होत्रा यह साबित करने में असफल रहे कि हलफनामे में दी गई गलत जानकारी कोई अनजाने में हुई त्रुटि थी। अदालत के अनुसार उन्होंने जानबूझकर आरोप तय होने से जुड़ी जानकारी छिपाई, जिससे मतदाताओं को गुमराह किया गया। इन तथ्यों के आधार पर हाई कोर्ट ने मुकेश मल्होत्रा का चुनाव निरस्त करते हुए रामनिवास रावत को विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से विधिवत निर्वाचित विधायक घोषित कर दिया।

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