उल्लेखनीय है कि उद्धव ठाकरे शिवसेना (यूबीटी) के और राज ठाकरे महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख हैं।
मराठी भाषा को लेकर दानवे ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में मराठी भाषा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, क्योंकि यह राज्य की पहचान है। हर राज्य में संविधान के तहत अपनी भाषा को बढ़ावा देने का अधिकार है।
पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग को लेकर अंबादास दानवे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि बंगाल में दंगों के आधार पर राष्ट्रपति शासन की मांग की जा रही है, तो हाल के दिनों में नागपुर, असम और उत्तर प्रदेश में हुई हिंसा को भी देखा जाना चाहिए। क्या इन राज्यों में भी राष्ट्रपति शासन लागू होगा? आधार चुनिंदा नहीं हो सकता।
वक्फ कानून को लेकर उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में सैकड़ों शिकायतें सामने आई हैं, और कई मामले अदालतों में विचाराधीन हैं। इस संवेदनशील मुद्दे पर सभी पक्षों को बैठकर बातचीत करनी चाहिए।
वक्फ कानून पर सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च, बंगाल में सुशासन की मांग: त्यागी!



