मराठा आरक्षण को लेकर राज्य सरकार की चार मैराथन बैठकें आज​!

मनोज जरांगे पाटिल ने बताया कि राज्य सरकार आज पूरे दिन मराठा आरक्षण पर चर्चा करेगी| हालांकि, उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि मनोज जरांगे इस बैठक में नहीं जाएंगे| उन्होंने आज मीडिया से बात करते हुए यह जानकारी दी|

मराठा आरक्षण को लेकर राज्य सरकार की चार मैराथन बैठकें आज​!

Four marathon meetings of the state government regarding Maratha reservation today, Manoj Jarange will be missing; What Is The REAL Reason?

मराठा आरक्षण की दरार अब भी नहीं सुलझी है| अदालती कार्यवाही और अन्य समुदायों के विरोध के कारण राज्य सरकार द्वारा मराठों को आरक्षण देने के प्रयास किये जा रहे हैं| इस बीच, मनोज जरांगे पाटिल ने बताया कि राज्य सरकार आज पूरे दिन मराठा आरक्षण पर चर्चा करेगी| हालांकि, उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि मनोज जरांगे इस बैठक में नहीं जाएंगे| उन्होंने आज मीडिया से बात करते हुए यह जानकारी दी|

मनोज जरांगे ने कहा, आज की बैठक में राज्य कैबिनेट, मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री शामिल होंगे| आज उपसमिति की बैठक भी है| राज्य पिछड़ा वर्ग की बैठक भी है| सरकारी अखबार में इसका कोई जिक्र नहीं है, लेकिन सरकार की ओर से ऐसा कहा गया है| मराठा आरक्षण को लेकर आज चार मैराथन बैठकें होंगी| सॉलिसिटर जनरल से लेकर सचिव, महाराष्ट्र के सभी सचिव और मंत्री वहां रहेंगे| उन्होंने कहा कि मराठा आरक्षण को लेकर आज पूरे दिन बैठक है|

…अनुपस्थित रहूँगा: मैं बैठक में नहीं जा सकता क्योंकि मेरा कार्यक्रम पूर्व निर्धारित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मैं बैठक में आऊं, लेकिन जब मैं मीटिंग में जाऊंगा तो क्या करूंगा? उन्होंने कई बार फोन कर अनुरोध किया| मुख्यमंत्री ने बैठक में आने का निमंत्रण दिया है. लेकिन, हमने कहा है| बच्चू कडू, उदय सामंत, गिरीश महाजन से संपर्क किया गया है| तो मैं बैठक में जाकर क्या करूंगा?
चार चारदीवारी के अंदर चर्चा करने जा रहे हैं| मैं चार दीवारों के भीतर चर्चा नहीं करना चाहता| मैं चर्चा को जीना चाहता हूं| लेकिन, सरकार लाइव चर्चा के लिए तैयार नहीं थी| समुदाय को एक बार शब्द दिया गया है। मैं जाऊंगा तो भी चर्चा होगी. मेरी राय थी कि हमें खुली चर्चा करनी चाहिए| मैं वहां जाकर नहीं रहता| इसलिए सरकार ने वीसी के जरिए चर्चा करने की तैयारी दिखाई है| अंतराल पर वीसी द्वारा चर्चा की जाएगी।इस चर्चा से सरकार की भूमिका का एहसास होगा. सरकार सकारात्मक है, लेकिन मराठों को आरक्षण नहीं दे रही है| तो आज भी याद रखा जाएगा| मराठा 20 तारीख को मुंबई जाएंगे।
समाज की ओर से चर्चा भी वैसी ही होने वाली है| हम मुंबई जा रहे हैं| उन्हें कानून पारित करना चाहिए| मनोज जरांगे ने यह भी कहा कि यह साबित हो गया है कि कुनबी और मराठा एक हैं| मराठवाड़ा में रिकॉर्ड कम हैं| उन्हें दोबारा कमेटी भेजकर रिकार्ड ढूंढने का काम करना चाहिए। मराठवाड़ा में अधिकारियों की ढिलाई के कारण रिकार्ड नहीं मिल पा रहे हैं। मराठवाड़ा के भाइयों को न्याय मिलना चाहिए, तो देखते हैं आज की बैठक में क्या होता है।
 
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