उन्होंने संगठन के ढांचे को साफ करते हुए कहा कि यहां पद और परंपरा तय करती है, न कि कोई व्यक्तिगत चयन।
औरंगजेब के मुद्दे पर भी भैयाजी जोशी ने अपनी राय रखी। उनका कहना था, “औरंगजेब का विषय बिना वजह उठाया जा रहा है, जो ठीक नहीं है। उनकी मृत्यु यहां हुई, तो लोग उनकी कब्र पर जाएंगे। यह उनकी श्रद्धा है। जो जाना चाहते हैं, वे जाएं। इसमें कोई बड़ी बात नहीं है।”
जोशी ने इस मुद्दे को अनावश्यक विवाद बताते हुए इसे तूल न देने की सलाह दी।
पीएम मोदी के दौरे से नागपुर में उत्साह का माहौल रहा। उनके इस दौरे को संघ से जुड़े लोग सेवा और विकास की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं। जोशी ने मोदी की कार्यशैली की तारीफ करते हुए कहा कि वे हमेशा से समाज सेवा को बढ़ावा देते रहे हैं।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को नागपुर दौरे पर थे, जहां उन्होंने राष्ट्रीय सेवक संघ को आधुनिक भारत का अक्षय वट बताया था। उन्होंने कहा था कि यह निरंतर भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना को ऊर्जा प्रदान कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तारीफ करते हुए कहा था, “हमारा शरीर परोपकार और सेवा के लिए ही है। जब सेवा संस्कार बन जाती है, तो साधना बन जाती है। यही साधना हर स्वयंसेवक की प्राणवायु होती है।
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