भारतीय हिंदुओ पर नस्लवादी टिप्पणियों का टीएमसी सांसद महुआ ने किया समर्थन

क्रिश्चियन चरमपंथी के दीपावली विरोधी ट्वीट से जताई सहमति

भारतीय हिंदुओ पर नस्लवादी टिप्पणियों का टीएमसी सांसद महुआ ने किया समर्थन

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टीएमसी पार्टी में हिंदू द्वेष और मुस्लिम तुष्टिकरण राजनीति का केंद्र बन चूका है। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा एक बार फिर हिंदू धार्मिक त्योहारों पर द्वेषपूर्ण भावना के समर्थन के लिए विवादों में हैं। गुरुवार (23 अक्टूबर) को उन्होंने एक क्रिश्चियन चरमपंथी के ट्वीट से सहमति जताई, जिसमें दीपावली को लेकर हिंदुओं और भारतीयों के खिलाफ नस्लभरी और अपमानजनक टिप्पणी की गई थी। हालांकि कुछ घंटो बाद इस समर्थन पर सफाई देते हुए महुआ मोइत्रा ने कहा की वह नस्लवादी टिपण्णी पर सहमति नहीं जता रही थी।

महुआ मोइत्रा ने उस पोस्ट पर “में सहमत हूं” कहा, जिसमें लिखा था — “ठीक इसी तरह, हमने उन बुद्धिहीन भारतीयों को हमारे खूबसूरत पश्चिमी देशों को उनके दिवाली के घटिया कचरे से पूरी तरह गंदगी में बदलने दिया है, जिसका हमसे कोई लेना-देना नहीं है।” इस ट्वीट में हिंदुओं और भारतीयों को अपमानित करते हुए दीपावली को “retarded Diwali garbage” कहा गया था।

महुआ मोइत्रा की यह सहमती पश्चिमी देशों में सोशल मीडिया पर दीपावली के खिलाफ हिंदूविरोधी और नस्लभेदी घृणा अभियान तेजी से फैल रहा है उसे दी है। जो त्योहार प्रकाश और सद्भाव का प्रतीक है, उसे कुछ वर्गों ने विदेशी धर्म का शोरगुल कहकर निशाना बनाया है।

पश्चिम में विशेष रूप से एक्स पर कई क्रिश्चियन चरमपंथी और श्वेत श्रेष्ठतावादी समूहों ने दीपावली मनाने वाले हिंदुओं के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने हिंदू त्योहारों को “अंधविश्वास”, “शैतान की पूजा” और “विदेशी भगवानों का प्रचार” कहकर हिंदू समुदाय पर हमले किए।

जब FBI निदेशक काश पटेल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं, तो उन्हें भी विदेशी देवताओं के त्योहार मनाने के आरोपों और नस्लवादी गालियों का सामना करना पड़ा है। कुछ श्वेत नस्लवादी उनके  देश से निकासी तक की मांग कर रहें है। इसी तरह, पूर्व अमेरिकी सांसद तुलसी गैबार्ड को भी दीपावली की शुभकामनाएं देने पर नस्लभेदी गालियां और भारत लौटने की सलाह दी गई।

ऐसे माहौल में महुआ मोइत्रा का समर्थन लिखना न केवल हिंदू विरोधी घृणा को प्रोत्साहन है, बल्कि यह भारत और हिंदू समाज के प्रति उनकी नफरत को उजागर करता है। हालांकि कुछ घंटो बाद महुआ मोइत्रा ने फिर एक बार यूटर्न लेते हुए खुलासा किया की उनके ट्वीटर फीड पर कई वीडिओ आ रहें थे, जिनके नीचे वह समर्थन लिखना चाहती थी, न की नस्लवादी ट्वीट के नीचे। उन्होंने लिखा, “बस स्पष्ट कर रहा हूँ कि मेरे ट्विटर फ़ीड पर बहुत सारे वीडियो दिखाई दे रहे थे और मेरा मतलब था कि मैं किसी नैट के नस्लवादी वीडियो के ठीक नीचे वाले वीडियो से “सहमत हूँ”। मेरी गलती। यात्रा कर रहा था और अभी तक जाँच नहीं की। शुक्रिया @RShivshankar मुझे बताने के लिए, लेकिन यह सचमुच एक गलती थी। माफ़ करना ट्रोल्स।”

यह पहली बार नहीं है जब टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर हिंदूविरोधी बयानों का आरोप लगा है। इस साल 28 अगस्त को उन्होंने बंगाल में एक सभा के दौरान हिंदुओं और विशेष रूप से नामशूद्र समुदाय पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। बीजेपी नेता अमित मालवीय द्वारा साझा एक वीडियो में मोइत्रा कहते हुए सुनी गईं, “सालभर तुम तृणमूली रहते हो, चुनाव के वक्त सनातनी बन जाते हो?” उन्होंने वैष्णव समुदाय की कंठी माला का मज़ाक उड़ाते हुए कहा था कि “लकड़ी की माला पहनकर लोग खैरात लेने आते हैं।”

बीजेपी ने उस समय इसे हिंदूविरोधी और जातिवादी बयान बताते हुए उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की थी। मालवीय ने आरोप लगाया था कि महुआ मोइत्रा साम्प्रदायिक ज़हर फैला रही हैं।

अब दीपावली को “retarded” कहने वाले चरमपंथी पोस्ट से सहमति जताने के बाद महुआ मोइत्रा पर हिंदू समुदाय का अपमान किया हैं। देशभर में दीपावली को लेकर धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक सम्मान पर चर्चा हो रही है, और ऐसे में टीएमसी सांसद के बयान सामाजिक विभाजन को और गहरा करने का काम कर रहे हैं।

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