वहीं डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने भी मालेगांव केस को लेकर एक्स पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, ” सत्य कभी असफल नहीं होता: 17 वर्षों की लंबी लड़ाई के बाद, एक विशेष अदालत ने मालेगांव विस्फोटों के सात कथित आरोपियों को बरी कर दिया। यह सच है कि न्याय में देरी हुई, लेकिन यह एक बार फिर साबित हो गया है कि सत्य कभी पराजित नहीं होता।”
उन्होंने लिखा, ”मालेगांव विस्फोट मामले में झूठे आरोपों में जेल में बंद देशभक्तों को शिवसेना ने शुरू से ही अटूट समर्थन दिया था। क्योंकि शिवसेना को कभी संदेह नहीं हुआ कि उसका पक्ष न्याय के पक्ष में है।
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने आखिर में लिखा, ”आज एक काला युग समाप्त हो गया। हिंदुओं पर लगा कलंक मिट गया। इसमें कोई शक नहीं कि ‘गर्व से कहो हम हिंदू हैं’ का नारा अब पूरे देश में सौ गुना जोर से गूंजेगा। सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं! जय हिंद, जय महाराष्ट्र।”
गौरतलब है कि 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में रमजान के पवित्र महीने में और नवरात्रि से ठीक पहले एक विस्फोट हुआ था। इस धमाके में छह लोगों की जान चली गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। एक दशक तक चले मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने 323 गवाहों से पूछताछ की, जिनमें से 34 अपने बयान से पलट गए।



