30 C
Mumbai
Sunday, January 11, 2026
होमदेश दुनियाअब नहीं चढ़ेंगी आस्तीनें, ढीले हुए राहुल के तेवर    

अब नहीं चढ़ेंगी आस्तीनें, ढीले हुए राहुल के तेवर    

राहुल गांधी अविश्वास प्रस्ताव चर्चा में शामिल हुए। पर उनके तेवर ढीले नजर आये  वे ज्यादा समय तक नहीं बोले। वे कम बातों को आक्रामकता के साथ कहे पर और चलते बने।

Google News Follow

Related

बुधवार को राहुल गांधी अविश्वास प्रस्ताव चर्चा में शामिल हुए। राहुल गांधी का संसद में पहले वाला तेवर देखने को नहीं मिला। कुछ समय के लिए राहुल गांधी आक्रामक देखे गए, लेकिन वे ज्यादा समय तक नहीं बोले। वे कम बातों को आक्रामकता के साथ कहे पर और चलते बने। उन्होंने ज्यादा समय तक नहीं बोला और लोकसभा से बाहर चले गए।

बताया जा रहा है कि वे राजस्थान के लिए रवाना हो गए। यहां सवाल यह है कि क्या राहुल गांधी का पहले वाला तेवर गायब हो गया है? दूसरा यह कि पूरे मानसून सत्र में विपक्ष मणिपुर के मुद्दे पर पीएम मोदी के बयान की मांग करता रहा और उन्हें घेरा। ऐसे में क्या राहुल गांधी का इस तरह से राजस्थान चले जाना उचित है। संसद में गंभीर विषय पर चर्चा हो रही है, लेकिन राहुल गांधी मणिपुर के मुद्दे पर गंभीर नहीं दिखे।

राहुल गांधी अविश्वास प्रस्ताव पर मंगलवार को ही बोलने वाले थे, लेकिन वे संसद में नहीं आये।   बीते सप्ताह शनिवार को सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरनेम मानहानि केस में उनकी सजा पर रोक लगा दी थी। इसके बाद सोमवार को उनकी लोकसभा सदस्यता बहाल कर दी गई। इसके बाद  कांग्रेस ने सोशल मीडिया के जरिए यह खबर फैला दी कि मंगलवार को राहुल गांधी अविश्वास प्रस्ताव पर बोलेंगे। लेकिन राहुल गांधी मंगलवार को नहीं आये और इसके बारे में कांग्रेस ने नया नैरेटिव सेट किया कि बीजेपी को चकमा देने के लिए ऐसा किया गया।

गौरतलब है कि, मंगलवार को संसद में बीजेपी के कई नेताओं ने राहुल गांधी के संसद में नहीं आने पर सवाल उठाया। कुछ बीजेपी नेताओं ने यहां तक कह डाला कि वे देर तक सो गए होंगे इसलिए नहीं आ पाए। अगर इस तरह से देखा जाए तो राहुल गांधी ने केवल विपक्ष और कांग्रेस की किरकिरी कराने का ही काम किया हैं। सच कहा जाए तो राहुल गांधी में नेता के गुण हैं ही नहीं, राहुल गांधी अगर दूसरे चीजों में अपना करियर बनाया होता तो शायद उसमें अपना और अपने खानदान का नाम रोशन कर लिया होता। लेकिन कांग्रेस के नेताओं की हठधर्मिता ने पार्टी को कहीं का नहीं छोड़ा। सच कहा जाए तो, जब से राहुल गांधी ने कांग्रेस के संगठन में सक्रिय हुए हैं तब से पार्टी का केवल पतन ही हुआ है , उत्थान नहीं।

अब सवाल का जवाब, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राहुल गांधी के तेवर ढीले हुए हैं। इसका एक नहीं कई कारण है। सुप्रीम कोर्ट का जिस दिन फैसला आया, उस दिन राहुल गांधी ने मात्र एक से दो मिनट बोले और चले गए। उन्होंने कहा कि “आज नहीं कल, कल नहीं तो परसो सच की जीत होती है। जो भी हो, मेरा रास्ता क्लियर है, मेरा क्या काम है, मुझे क्या करना है, मेरे दिमाग में क्लियर है, इसके साथ ही उन्होंने जनता का धन्यवाद करते हुए अपनी बात समाप्त की थी।” उस दिन राहुल ने बस इतना ही बोले थे।

सबसे बड़ी बात यह है कि राहुल गांधी ने इस दौरान आक्रामक दिखाई नहीं दिए। उन्होंने बीजेपी और आरएसएस के बारे में एक भी शब्द नहीं बोला। राहुल गांधी ने इस मौके पर नपी तुली भाषा का ही उपयोग किया और कोई ऐसी बातें नहीं कही, जिससे विवाद हो। सबसे बड़ी जो बात सामने आई वह यह कि उनके तेवर ढीले थे। हर बात को राहुल गांधी आक्रामक होकर बोलते हैं ,लेकिन इस बार उन्होंने ऐसा नहीं किया। क्योंकि उनके खिलाफ कोर्ट में अभी कई केस चल रहे हैं। अभी भी वे फंस सकते हैं।

इसके बाद, कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक माहौल बनाया कि राहुल गांधी मंगलवार को लोकसभा में सरकार की बखियां उधेड़ देंगे, लेकिन उससे पहले ही राहुल गांधी का यह गुब्बारा फुस्स हो गया। दरअसल, यह भी कांग्रेस की एक सोची समझी रणनीति थी। कांग्रेस ने सिर्फ माहौल बनाया,पर राहुल गांधी संसद में नहीं पहुंचे। इस बात पर गंभीरता से सोचा जाए तो कहा जा सकता है कि राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर बोलने के लिए तैयार नहीं थे। इतने गंभीर मुद्दे पर राहुल गांधी के भाषण के दौरान कुछ ऐसा निकल जाता तो बीजेपी के लिए एक हथियार हो जाता। यही वजह रही की मंगलवार को राहुल गांधी के बजाय गौरव गोगोई ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत की। इस दौरान गौरव गोगोई ने अंतिम समय में राहुल गांधी के  मोहब्बत की दुकान और नफ़रत की बाजार जैसे शब्दों का उपयोग किया। जो राहुल गांधी के शब्द हैं।

इसके बाद बुधवार को तो राहुल गांधी ने भारत माता को ही मार डाला। राहुल गांधी ने बुधवार को अपना संबोधन “भारत जोड़ो यात्रा” से शुरू की और जब वे बोल रहे थे तो नपे तुले शब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे। उन्होंने अपने घुटने के दर्द का भी जिक्र यहां किया। उन्होंने ढीले तेवर में जितनी बातें कहीं वे सभी भारत जोड़ो यात्रा से जुडी हुई थी, जो उचाट और भारी लग रहा था।   इसके बाद बीजेपी के सांसदों ने कहा कि वे अपने मूल मुद्दे पर बात करें।

इस बात को लोकसभा अध्यक्ष ने भी कहा कि वे जो कहना चाहते हैं ,उसे कहें ? इसके बाद राहुल गांधी आक्रामक मूड में आ गए। इसके बाद राहुल गांधी ने चीख चीखकर कहा कि आप देशद्रोही हो। आप देश भक्त नहीं है। इसके अलावा ,उन्होंने कहा कि “मणिपुर में हिन्दुस्तान की हत्या की है।  “भारत माता की हत्या की है और वे भारत माता के रखवाले नहीं हो सकते।

इससे पहले भी राहुल गांधी ने गंभीर मुद्दे पर बात करने से कतराते रहे है। जब देश की बात करने की आती है तो विदेश दौरे पर चले जाते है। आज जब राहुल गांधी को मणिपुर के मुद्दे पर ज्यादा समय तक बोलना चाहिए था। लेकिन, उन्होंने ऐसा नहीं किया। राहुल गांधी और विपक्ष जिस तरह से मणिपुर पर घड़ियाली आंसू बहा रहा है। लेकिन, उस पर बात करने और सुनने के बजाय राजस्थान चले जाते हैं। क्या अपनी जिम्मेदारी से राहुल गांधी नहीं भाग रहे हैं ? यह जनता तय करे।

ये भी पढ़ें 

अविश्वास प्रस्ताव: राहुल गांधी ने कहा “मणिपुर में हिन्दुस्तान की हत्या की गई”

राहुल गांधी के तेवर हुए ढीले, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बस दो मिनट बोले!       

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,452फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
286,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें