विदेश मंत्रालय ने ताजा ब्रीफिंग में चीन और पाकिस्तान की करीबी पर तीखा हमला बोला है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर सामने आई रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि जो देश खुद को जिम्मेदार शक्ति बताते हैं, उन्हें यह भी सोचना चाहिए कि आतंकवादियों को संरक्षण देकर वे दुनिया में कैसी छवि बना रहे हैं।
भारत ने साफ किया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद की गई सैन्य कार्रवाई पूरी तरह सटीक, सीमित और आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाने वाली थी। विदेश मंत्रालय ने संकेतों में चीन पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ देश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान समर्थित आतंकियों को बचाने की कोशिश करते रहे हैं, लेकिन अब दुनिया वास्तविकता समझ रही है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि आतंकवाद को पनाह देने वाले तंत्र का बचाव करने वाले देशों की वैश्विक साख पर असर पड़ना तय है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े तथ्य भारत की पहले से मौजूद चिंताओं की पुष्टि करते हैं। भारत ने दोहराया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और आतंकवाद के समर्थकों को भी जिम्मेदार माना जाएगा।
MEA ने पुष्टि की कि विदेश सचिव विक्रम मिस्री जल्द नेपाल दौरे पर जाएंगे। यह यात्रा नेपाल सरकार के विशेष निमंत्रण पर होगी। विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारत और नेपाल के रिश्ते सिर्फ कूटनीतिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक स्तर पर भी गहरे हैं। दोनों देशों के बीच हालिया संवाद से संकेत मिले हैं कि काठमांडू और नई दिल्ली संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
भारत इस सप्ताह ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा। बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार सभी सदस्य देशों के विदेश मंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच यह बैठक वैश्विक राजनीति के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी का प्रस्तावित यूनाइटेड अरब अमीरात दौरा ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों और वैश्विक बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ऊर्जा संबंधी फैसले लेता है। MEA के मुताबिक फिलहाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारत के 13 जहाज मौजूद हैं और सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
भारत ने दोहराया कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को किसी भी प्रकार का समर्थन वैश्विक शांति के लिए खतरा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि आतंकवादियों और उनके संरक्षकों को बचाने की कोशिश करने वाले देशों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
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