जोहान्सबर्ग में मोदी-मैक्रों मुलाकात, भारत-फ्रांस साझेदारी पर जोर!

पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत–फ्रांस संबंध न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरे विश्व के लिए सकारात्मक शक्ति के रूप में कार्य करते हैं।

जोहान्सबर्ग में मोदी-मैक्रों मुलाकात, भारत-फ्रांस साझेदारी पर जोर!

G20 Summit PM Modi President Macron meet in Johannesburg emphasis on strengthening India-France relations!

पीएम मोदी ने भी इस मुलाकात को बेहतरीन बातचीत बताया। उन्होंने कहा कि जोहान्सबर्ग में राष्ट्रपति मैक्रों से मिलकर खुशी हुई और कई अहम वैश्विक व द्विपक्षीय मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई।

दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में जारी G20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने इस द्विपक्षीय वार्ता को सकारात्मक, उपयोगी और रिश्तों को और मजबूत बनाने वाला बताया।

मुलाकात के बाद राष्ट्रपति मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया। उन्होंने लिखा, “धन्यवाद मेरे मित्र नरेंद्र मोदी। देश तभी मजबूत होते हैं जब वे साथ मिलकर आगे बढ़ते हैं। भारत और फ्रांस की दोस्ती अमर रहे।”

प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस मुलाकात को बेहतरीन बातचीत बताया। उन्होंने कहा कि जोहान्सबर्ग में राष्ट्रपति मैक्रों से मिलकर खुशी हुई और कई अहम वैश्विक व द्विपक्षीय मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत–फ्रांस संबंध न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरे विश्व के लिए सकारात्मक शक्ति के रूप में कार्य करते हैं।

इस बीच, G20 शिखर सम्मेलन के दूसरे सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में आपदाओं की संख्या और उनका दायरा लगातार बढ़ रहा है, जो मानवता के लिए बड़ी चुनौती है।

पीएम मोदी ने बताया कि भारत ने अपनी 2023 G20 अध्यक्षता के दौरान ‘डिजास्टर रिस्क रिडक्शन वर्किंग ग्रुप’ की स्थापना की थी, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर आपदा प्रबंधन में सहयोग को बढ़ाना है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की सरकार को इस विषय को प्राथमिकता देने के लिए धन्यवाद भी दिया।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि अब केवल ‘रिस्पॉन्स’ यानी प्रतिक्रिया आधारित रणनीति पर निर्भर रहने का समय नहीं है। इसके बजाय विकास-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है, जिससे आपदाओं से पहले ही तैयारी और संरचना मजबूत की जा सके।

उन्होंने G20 देशों के बीच सैटेलाइट डेटा साझा करने का भी प्रस्ताव रखा। प्रधानमंत्री ने ‘G20 ओपन सैटेलाइट डेटा पार्टनरशिप’ बनाने का सुझाव देते हुए कहा कि इससे विशेष रूप से ग्लोबल साउथ, यानी विकासशील देशों को आपदा प्रबंधन और जलवायु निगरानी में बड़ी सहायता मिलेगी।

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