प्रधानमंत्री मोदी ने स्वागत करते हुए कहा, “भारत-जापान शिखर सम्मेलन के लिए छोटी बहन प्रधानमंत्री ताकाइची का भारत में अपनी पहली यात्रा पर स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। वे जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री भी हैं और एक दूरदर्शी और लोकप्रिय नेता भी हैं।
भारत के पीएम ने आगे कहा, “ताकाइची नारा प्रीफेक्चर से आती हैं, जो साझा बौद्ध विरासत का केंद्र है। जी7 में मैंने कहा था कि उथल पुथल के माहौल में यह एक वैश्विक स्ट्रेटजिक एसेट है। भारत-जापान की साझेदारी इस कसौटी पर खरी उतरती है।
पीएम ने दोनों ही देशों को आर्थिक तौर पर काफी मजबूत बताते हुए आगे कहा, कि आज भारत और जापान दोनों ही विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में से हैं।एक स्वतंत्र, समृद्ध और नियम आधारित इंडो पैसिफिक हमारी साझा प्राथमिकता है।
प्रधानमंत्री ने तकनीकी क्षेत्र में हो रहे निवेश की चर्चा की। आगे कहा, “जापान की प्रीसिजन टेक्नोलॉजी और भारत की सॉफ्टवेयर क्षमता का संगम वैश्विक एआई विकास को नई गति और शक्ति देगा। डिफेंस के क्षेत्र में आज हमने भारत और जापान के पहले को-डेव्लेपमेंट प्रोजेक्ट पर समझौता किया है।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के बीच गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक की।
दोनों नेताओं के बीच निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, सप्लाई चेन, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय-वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। यह बैठक 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन का हिस्सा है। इससे पहले राष्ट्रपति भवन में ताकाइची का औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
साने ताकाइची प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार भारत आई हैं। तीन दिवसीय दौरे के दौरान वह इंडिया-जापान बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगी, जहां दोनों देशों के बीच निवेश और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर फोकस रहेगा।
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