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Saturday, October 17, 2026
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मुंबई में 44 साल बाद भाजपा का मेयर; रितु तावड़े ने मेयर का पद संभाला

शिवसेना के संजय घाड़ी ने संभाला डिप्टी मेयर का पद

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मुंबई को आखिरकार बुधवार (11 फरवरी) को मेयर मिल गया और भाजपा की रितु तावड़े ने अधिकृत तौर पर मेयर का पद संभाल लिया। इसके साथ ही मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में एडमिनिस्ट्रेटर राज खत्म हो गया और पावर लोगों के रिप्रेजेंटेटिव को सौंप दी गई।

भाजपा की रितु तावड़े ने मेयर का पद संभाला है और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के संजय घाड़ी ने डिप्टी मेयर का पद संभाला है। मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव में कोई विरोधी दल का उम्मीदवार न होने की वजह से रितु तावड़े और संजय घाड़ी बिना किसी विरोध के चुने गए। इसके साथ ही मुंबई महानगरपालिका में मेयर का पद 44 साल बाद भाजपा को मिल गया है। मेयर और डिप्टी मेयर ने महानगर पालिका सचिव भूषण गगरानी से पदभार लिया।

मुंबई महानगरपालिका चुनाव में भाजपा ने सबसे ज़्यादा सीटें जीती थीं। जबकि मेयर पद के लिए महायुति को सबसे ज़्यादा सीटें मिली थीं। इससे भाजपा के मेयर बनने का रास्ता साफ हो गया। उसके बाद भाजपा ने मेयर पद के लिए  रितु तावड़े के नाम का ऐलान किया, जबकि शिवसेना ने डिप्टी मेयर पद के उम्मीदवार के तौर पर संजय घाड़ी के नाम का ऐलान किया। दूसरी तरफ, संख्या कम होने की वजह से उद्धव ठाकरे गुट ने मेयर चुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारा।

दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और दूसरे मंत्रियों के साथ दोनों पार्टियों के नेता मौजूद रहे।

रितु तावड़े भाजपा से मुंबई की दूसरी मेयर बनी हैं। इससे पहले 1982 में प्रभाकर पै. भाजपा से मुंबई के मेयर बने थे। उसके बाद रितु तावड़े को भाजपा की दूसरी मेयर बनने का सम्मान मिला है। रितु तावड़े घाटकोपर से नगरसेवक हैं। वह पहले मुंबई महानगरपालिका में नगरसेवक के तौर पर काम कर चुकी हैं। उन्होंने शिक्षा समिति की अध्यक्षा के तौर पर भी काम किया था।

नए नियमों के मुताबिक, सचिव भूषण गगरानी को पिठासीन अधिकारी बनाया गया है। पहले मेयर चुनाव के दौरान ज्येष्ठ सदस्य चार्ज लेते थे। ठाकरे गुट ने इस पर एतराज़ जताया। नए मेयर के चुनाव के दौरान ज्येष्ठ सदस्य ऑफिसर कौन होगा? सरकार ने एक नोटिफिकेशन के ज़रिए नियम बदल दिया।

पिछले नियमों के अनुसार, अभी के मेयर या सबसे ज्येष्ठ सदस्य ही प्रेसाइडिंग ऑफिसर होते थे। नए नोटिफिकेशन के अनुसार, मेयर चुनने का अधिकार प्रधान सचिव रैंक के अफसर को दिया गया है। चूंकि अभी के सचिव भूषण गगरानी का रैंक प्रधान सचिव है, इसलिए वे पिठासीन अधिकारी बनें।

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