बैठक के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपने एनडीए सहयोगियों के साथ सरकार चला रही है और सभी दलों ने मिलकर चुनाव लड़ा है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अलग-अलग समूहों में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात कर संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। बैठक में पार्टी नेतृत्व द्वारा दिए गए निर्देशों को पूरी निष्ठा से लागू किया जाएगा और सभी कार्यकर्ता मिलकर भाजपा की योजनाओं, अभियानों, सरकार की उपलब्धियों तथा रिपोर्ट कार्ड को जनता तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने भाजपा की कार्यशैली पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक कैडर आधारित पार्टी है, जो अपने समर्पित कार्यकर्ताओं के दम पर आगे बढ़ती है। जनसंघ के समय से लेकर आज तक पार्टी का मूल सिद्धांत यही रहा है कि संगठन की सबसे बड़ी ताकत उसके कार्यकर्ता हैं। उनके अनुसार भाजपा का हर कार्यकर्ता पार्टी को अपना परिवार मानता है और यही भावना संगठन को मजबूत बनाती है।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पहली बार इस जिम्मेदारी के बाद उत्तर प्रदेश आए हैं और उन्होंने एनडीए के सभी सहयोगी दलों के साथ बैठक की।
निषाद पार्टी के अध्यक्ष और मंत्री संजय निषाद ने सीट बंटवारे के सवाल पर कहा कि उनकी प्राथमिकता सीटों की संख्या नहीं बल्कि गठबंधन की जीत है।
उन्होंने कहा कि गठबंधन बनने के बाद से एनडीए ने ऐतिहासिक सफलताएं हासिल की हैं और इस बार भी लक्ष्य पहले से बड़ी जीत दर्ज करना है। सभी सहयोगी दल इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि प्रत्येक सीट को जीतने योग्य कैसे बनाया जाए।
अपना दल (एस) के नेता और मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि बैठक का माहौल पूरी तरह सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण रहा। उन्होंने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सहयोगी दलों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना।
आशीष पटेल ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल सीट बंटवारे पर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है। उनकी पार्टी पिछले 12 वर्षों से एनडीए का हिस्सा है और उसका उद्देश्य हमेशा जीत सुनिश्चित करना रहा है, न कि केवल सीटों की मांग करना।
राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी ने भी बैठक के बाद कहा कि सीट बंटवारे पर अंतिम निर्णय उचित समय पर होगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में पूरा गठबंधन राज्य की सभी विधानसभा सीटों पर चुनावी तैयारी कर रहा है। कुछ सीटों पर भाजपा का चुनाव चिह्न कमल होगा, जबकि अन्य सीटों पर सहयोगी दल अपने-अपने चुनाव चिह्न के साथ मैदान में उतरेंगे। बैठक में पूरे प्रदेश के लिए चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक रणनीति पर चर्चा की गई।
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