मासिक व्यापार आंकड़ों की ब्रीफिंग के दौरान वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि यूएसटीआर का प्रतिनिधिमंडल अपनी यात्रा के दौरान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और भारत के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत करेगा।
अग्रवाल ने कहा, “हमारी उम्मीद है कि यह चर्चा समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने के साथ-साथ उस व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर भी केंद्रित होगी, जिस पर दोनों देशों के बीच पहले से बातचीत चल रही है।”
उन्होंने कहा कि वार्ता का उद्देश्य केवल अंतरिम समझौते को पूरा करना ही नहीं, बल्कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापक व्यापार समझौते की दिशा में भी प्रगति करना है।
यह दौरा इसी महीने की शुरुआत में नई दिल्ली में हुई वार्ताओं के बाद हो रहा है, जब यूएसटीआर के प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय अधिकारियों के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की थी।
2 से 4 जून के बीच हुई उन बैठकों के बाद सरकार ने कहा था कि दोनों पक्षों ने वस्तुओं के व्यापार, गैर-शुल्कीय बाधाओं, सीमा शुल्क और व्यापार सुगमता, आर्थिक सुरक्षा सहयोग तथा अन्य पारस्परिक हितों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
भारत और अमेरिका ने इससे पहले फरवरी में एक संयुक्त बयान जारी किया था, जिसमें पारस्परिक और दोनों देशों के लिए लाभकारी व्यापार के आधार पर एक अंतरिम समझौते का खाका पेश किया गया था।
इसके अलावा, उस रूपरेखा में दोनों देशों ने व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई थी।
जून की शुरुआत में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता लगभग 99 प्रतिशत तैयार हो चुका है और सिर्फ कुछ मुद्दों का समाधान बाकी है।
उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के अधिकारी लगातार बातचीत कर रहे हैं और समझौते को जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने इसे भारत और अमेरिका दोनों के लिए ‘विन-विन’ समझौता बताया था।
आगामी यूएसटीआर प्रतिनिधिमंडल की यात्रा से वार्ताओं को नई गति मिलने की उम्मीद है और इससे दोनों देश व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के और करीब पहुंच सकते हैं।
प्रियंक खड़गे का मोहन भागवत को पत्र, RSS पारदर्शिता पर सवाल!



