उन्होंने कहा, “देश में कोई भी निर्णय सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के ढांचे के बाहर और सर्वोच्च नेता की अनुमति के बिना नहीं लिया जाएगा। देश का संचालन एकीकृत निर्णय और सामूहिक अनुशासन की मांग करता है।”
उनका बयान ऐसे समय में आया है जब 60 दिन के संघर्ष विराम को लेकर खबर सुर्खियों में बनी हुई है। अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस ने अमेरिकी सैन्य अफसर के हवाले से दावा किया है कि जल्द इसकी घोषणा की जा सकती है। बातचीत में होमुर्ज, न्यूक्लियर प्रोग्राम से लेकर कुछ पाबंदियां हटाने की भी शर्तें शामिल हैं।
इससे पहले पेजेश्कियन ने एक्स पोस्ट के जरिए ईरान के इतिहास को याद दिलाते हुए अमेरिका को निशाने पर लिया था। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “हमारा देश आज भी, बिना हारे डटा हुआ है। ठीक बहादुर खोर्रमशहर के लोगों की तरह, जो हमलावर सेना के खिलाफ कई दिनों तक डटे रहे ताकि दुनिया को ईरानी लोगों की ताकत का अंदाजा लग सके।”
खोर्रमशहर, ईरान के खुजेस्तान प्रांत में स्थित एक प्रमुख और ऐतिहासिक बंदरगाह शहर है। यह 1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान चर्चा में आया था। शहर शत्त अल-अरब और कारुन नदियों के संगम पर स्थित है। यह फारस की खाड़ी के पास एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है।
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