‘तपस्या में ही नहीं, AI में भी कमी’: आसाम CM की पत्नी का पवन खेड़ा पर पलटवार

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

‘तपस्या में ही नहीं, AI में भी कमी’: आसाम CM की पत्नी का पवन खेड़ा पर पलटवार

'Not only lacking in penance, but also in AI': Assam CM's wife hits back at Pawan Khera

आसाम की राजनीति में नया विवाद सामने आया है, जहां मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान शर्मा ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी दी है।

विवाद की शुरुआत तब हुई जब पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि रिनिकी भुयान शर्मा के पास तीन पासपोर्ट हैं और दुबई में उनकी दो अघोषित संपत्तियां हैं, जिनका जिक्र मुख्यमंत्री के चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया। इन आरोपों को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बड़ा राजनीतिक मुद्दा माना जा रहा है।

इन आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए रिनिकी शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इन्हें पूरी तरह “फर्जी” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि खेड़ा ने “डॉक्टर्ड डॉक्यूमेंट्स” के जरिए झूठ फैलाने की कोशिश की है।

अपने जवाब में उन्होंने तंज कसते हुए लिखा, “आपकी सिर्फ तपस्या में ही नहीं, AI जनरेशन और फोटोशॉपिंग में भी कमी रह गई,” यह टिप्पणी खेड़ा के 2022 के उस बयान पर कटाक्ष थी, जिसमें उन्होंने राज्यसभा टिकट न मिलने पर  तपस्या की बात कही थी।

रिनिकी शर्मा ने आगे कहा कि एक राष्ट्रीय पार्टी के प्रवक्ता होने के नाते खेड़ा को तथ्यों की जांच करनी चाहिए थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वह कानूनी रास्ता अपनाएंगी। “मैं अब कानून को अपना काम करने दूंगी। आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं। आगे बात कोर्ट में होगी,” उन्होंने कहा।

इस बीच कांग्रेस ने अपने आरोपों को चुनावी पारदर्शिता से जोड़ते हुए मुद्दे को उठाया है, जबकि मुख्यमंत्री के परिवार ने इसे सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। आगामी चुनावों से पहले यह विवाद अब राजनीतिक टकराव को और तेज करता नजर आ रहा है, जहां दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए हैं और मामला कानूनी लड़ाई तक पहुंचता दिख रहा है।

यह भी पढ़ें:

सरकारी दवाओं का अवैध रैकेट : दिल्ली पुलिस ने 70 लाख रुपए का स्टॉक किया जब्त

बिहार मोतिहारी मदरसे से हथियार बरामद, बड़ी साजिश नाकाम हुई

पश्चिम बंगाल में इस बार होगा बदलाव और बहेगी विकास की बयार: शारद्वत मुखर्जी

Exit mobile version