29.4 C
Mumbai
Friday, May 15, 2026
होमदेश दुनियाब्रिक्स मंच से यूएन चार्टर उल्लंघनकर्ताओं की खुलकर निंदा करें: ईरानी विदेश...

ब्रिक्स मंच से यूएन चार्टर उल्लंघनकर्ताओं की खुलकर निंदा करें: ईरानी विदेश मंत्री!

अराघची ने कहा कि भारी दबाव और हिंसा के बावजूद ईरानी जनता ने अपनी स्वतंत्रता, संप्रभुता और आत्मसम्मान से कोई समझौता नहीं किया है।

Google News Follow

Related

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ब्रिक्स मंच से संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उल्लंघन करने वालों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने सदस्य देशों से अपील की कि अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन करने वालों की निंदा करने में अब किसी तरह की हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए।

गुरुवार को ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए अराघची ने कहा कि पिछले एक साल में ईरान पर दो बार “क्रूर और गैरकानूनी” आक्रमण हुए हैं।

उन्होंने कहा कि इन हमलों को झूठे आरोपों के आधार पर उचित ठहराने की कोशिश की गई, जबकि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के आकलन इससे अलग तस्वीर पेश करते हैं। उनके अनुसार, ईरान को “गैरकानूनी विस्तारवाद और युद्धोन्माद” का शिकार बनाया जा रहा है।

अराघची ने कहा कि भारी दबाव और हिंसा के बावजूद ईरानी जनता ने अपनी स्वतंत्रता, संप्रभुता और आत्मसम्मान से कोई समझौता नहीं किया है। उन्होंने दोहराया, “ईरान न कभी दबाव के आगे झुका है और न ही झुकेगा।”

अपने संबोधन में उन्होंने ईरान की सेना, डॉक्टरों, शिक्षकों और सुरक्षा बलों की सराहना करते हुए कहा कि इन सभी ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने जीवन को जोखिम में डाला है। उन्होंने युद्ध से प्रभावित परिवारों, विशेषकर माताओं और युवाओं के साहस का भी उल्लेख किया।

अराघची ने कहा कि ईरान ऐसा देश नहीं है जो दबाव में टूट जाए, बल्कि हर संकट के बाद और अधिक मजबूत होकर सामने आता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तेहरान कूटनीति और बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अपनी स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।

उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान से जुड़े किसी भी विवाद का सैन्य समाधान संभव नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि यदि किसी विदेशी ताकत ने हमला किया, तो ईरानी सशस्त्र बल उसका “कड़ा और निर्णायक जवाब” देने के लिए तैयार हैं, जबकि ईरान की आम जनता युद्ध नहीं चाहती।

ब्रिक्स मंच की सराहना करते हुए अराघची ने इसे “नई वैश्विक व्यवस्था” का प्रतीक बताया, जिसमें ग्लोबल साउथ की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने अमेरिका पर “वर्चस्ववादी मानसिकता” अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान की लड़ाई केवल अपनी सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि उन देशों के लिए भी है जो पश्चिमी दबाव और हस्तक्षेप का विरोध करते हैं।

अराघची ने ब्रिक्स देशों से अपील की कि वे अमेरिका और इजरायल की ओर से अंतरराष्ट्रीय कानून के कथित उल्लंघनों की खुलकर निंदा करें, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के राजनीतिक इस्तेमाल को रोकें और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करने वालों को जवाबदेह ठहराने की दिशा में कदम उठाएं।

अपने भाषण के अंत में उन्होंने कहा कि ब्रिक्स को एक ऐसी वैश्विक व्यवस्था बनाने में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए जो अधिक न्यायपूर्ण, संतुलित और मानवीय हो।

यह भी पढ़ें-

प्रधानमंत्री पर कथित टिप्पणी को लेकर वाराणसी में भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन! 

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,187फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
307,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें