31 C
Mumbai
Monday, September 21, 2026
National Stock Exchange of India Limited
होमराजनीतिभारत के मत्स्य क्षेत्र में आया बड़ा उछाल, कमाए ₹738900000000

भारत के मत्स्य क्षेत्र में आया बड़ा उछाल, कमाए ₹738900000000

PM मत्स्य संपदा योजना का बड़ा असर

Google News Follow

Related

- Advertisement -National Stock Exchange

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) को गुरुवार को छह वर्ष पूरे चुके हैं और इस दौरान देश के मत्स्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मछली उत्पादन 2019-20 में रहे 141.64 लाख टन से बढ़कर 2024-25 में रिकॉर्ड 197.75 लाख टन पर पहुंच गया। यह जानकारी गुरुवार को जारी की गई सरकारी फैक्टशीट में दी गई। वहीं, मत्स्य निर्यात 2019–20 में रहे 46,663 करोड़ रुपए से बढ़कर 2025–26 में 73,890 करोड़ रुपए हो गया, जो क्षेत्र की मजबूत वृद्धि को दर्शाता है।

फैक्टशीट में बताया गया कि सरकार 20,750 करोड़ रुपए के कुल परिव्यय के साथ वर्ष 2020–21 से पीएमएमएसवाई कार्यान्वित कर रही है। सरकार ने पीएमएमएसवाई के तहत बजट अनुमान 2026–27 में रिकॉर्ड 2,500 करोड़ रुपए आवंटित करके अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, जिससे मत्स्य अवसंरचना और आजीविकाओं को मजबूती मिली है। 11 अगस्त 2026 तक, 2020–21 से 2025–26 की अवधि के दौरान, मत्स्य पालन विभाग ने 21,394.88 करोड़ रुपए की मत्स्य पालन और जलीय कृषि परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिसमें 9,510.89 करोड़ रुपए का केंद्रीय हिस्सा शामिल है। राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और विभिन्न कार्यान्वयन एजेंसियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर दी गई ये मंजूरियां देशभर में अवसंरचना के विकास और मत्स्य क्षेत्र की मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने में सहायता कर रही हैं।

सरकारी बयान में आगे कहा गया कि उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाकर, मूल्य श्रृंखला का आधुनिकीकरण करके, आजीविका के अवसर सृजित करके, आय में वृद्धि करके, निर्यात और सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) को बढ़ावा देकर, मछुआरों की सुरक्षा और कल्याण को मजबूत करके तथा मत्स्य प्रबंधन और विनियमन में सुधार करके पीएमएमएसवाई ने भारत के मत्स्य क्षेत्र को रूपांतरित करने पर ध्यान केंद्रित किया है।

पीएमएमएसवाई मछुआरों और मत्स्य पालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा उनकी सौदेबाजी की क्षमता बढ़ाने के लिए मछुआरा किसान उत्पादक संगठनों (एफएफपीओ) की स्थापना हेतु वित्तीय सहायता भी प्रदान करती है। वित्तीय वर्ष 2021–22 से वित्तीय वर्ष 2025–26 तक, मत्स्य पालन विभाग ने देशभर में 2,195 एफएफपीओ की स्थापना के लिए 544.86 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिसमें इन्क्यूबेशन, प्रबंधन लागत और इक्विटी अनुदान के लिए सहायता शामिल है।

पीएमएमएसवाई के तहत, मत्स्य पालन विभाग ने जलवायु सुदृढ़ता को मजबूत करने और तटीय मछुआरा गांवों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 100 तटीय मछुआरा गांवों की पहचान जलवायु-सुदृढ़ तटीय मछुआरा गांवों (सीआरसीएफवी) के रूप में की है। यह पहल पीएमएमएसवाई के केंद्रीय क्षेत्र घटक के अंतर्गत लागू की जा रही है, जिसमें प्रति गांव 200 लाख रुपए की इकाई लागत है, जिसका पूर्ण वित्तपोषण सरकार द्वारा किया जाता है। इसके अंतर्गत तटीय मछुआरा समुदायों के लिए सुदृढ़ अवसंरचना, आजीविका और फसलोत्तर सुविधाओं हेतु सहायता प्रदान की जाती है।

यह भी पढ़ें-

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

150,319फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
334,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें