बांग्लादेश को चीन में बने टैंक इस्तेमाल करने की भारी कीमत चुकानी पड़ी है। बांग्लादेश आर्मी का इस्तेमाल किया जा रहा एक चीनी टैंक ट्रेनिंग एक्सरसाइज के दौरान अचानक फट गया। इस हादसे में दो सैनिकों की मौत हो गई। धमाका तब हुआ जब सैनिक टैंक के अंदर से फायरिंग की प्रैक्टिस कर रहे थे। इस घटना ने एक बार फिर चीन में बने मिलिट्री हथियारों की क्वालिटी और सेफ्टी स्टैंडर्ड पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Bangladesh Army’s Chinese-origin Type 59 tank reportedly exploded during a firing exercise, killing 2 crew members and injuring an officer.
Made in China. Used in Bangladesh. Deadly outcome. pic.twitter.com/Gn0FRx5ul4
— Shadow IND (@ShadowIND_IN) September 9, 2026
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा बुधवार को बांग्लादेश के चटगाँव के हाथाजारी में फील्ड फायरिंग रेंज में मिलिट्री एक्सरसाइज के दौरान हुआ। जिस टैंक में धमाका हुआ, वह चीन में बना ‘टाइप 59’ टैंक बताया जा रहा है। मिलिट्री एक्सरसाइज के दौरान जैसे ही बांग्लादेश आर्मी के चीनी टैंक ने गोली चलाई, उसमें आग लग गई। टैंक के बैरल के अंदर गोली फटने से हुए ज़बरदस्त धमाके में दो बांग्लादेशी सैनिकों की मौके पर ही मौत हो गई और एक आर्मी ऑफिसर गंभीर रूप से घायल हो गया।
बांग्लादेश के चटगाँव में हुई इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। इस वजह से यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। वीडियो में दिख रहा है कि जैसे ही सैनिकों ने निशाना साधा और चीन में बने टैंक का ट्रिगर दबाया, पूरा टैंक तुरंत आग के एक बड़े गोले में बदल गया। यह किसी दुश्मन या मिसाइल का हमला नहीं था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, टैंक के बैरल में खराबी की वजह से गोली बाहर जाने के बजाय टैंक के अंदर ही फट गई। इस ज़बरदस्त धमाके की वजह से दोनों सैनिकों को संभलने का मौका भी नहीं मिला और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
दिलचस्प बात यह है कि यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब बांग्लादेश ने पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के साथ ‘डिफेंस पैक्ट’ में हिस्सा लेने की इच्छा जताई है। बांग्लादेश आर्मी के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने कहा है कि टैंक में धमाके की सही वजह का पता लगाने के लिए ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं। हादसे की सही वजह अभी साफ नहीं है। इसकी जांच की जा रही है। इस बीच, धमाके में घायल आर्मी ऑफिसर को आगे के इलाज के लिए ढाका के कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल (CMH) में एयरलिफ्ट किया गया है।
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