प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में आयोजित एक विशाल चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राज्य की राजनीति में बदलाव का आह्वान किया। मंच से पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के उनके भाई-बहन अब परिवर्तन चाहते हैं और पूरे राज्य में बदलाव का नारा गूंज रहा है। उन्होंने दावा किया कि जनता मौजूदा हालात से त्रस्त है और एक नई, विकसित और सुरक्षित बंगाल की उम्मीद कर रही है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्षों से पश्चिम बंगाल में तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार और हिंसा की राजनीति हावी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम नागरिक, खासकर महिलाएं और युवा खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था को मजबूत करना, रोजगार के अवसर पैदा करना और युवाओं को आगे बढ़ने का मौका देना है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की योजनाएं पश्चिम बंगाल के लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाईं, क्योंकि राज्य सरकार ने राजनीतिक कारणों से उनमें अड़चनें डालीं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे विकास, सुशासन और पारदर्शिता के लिए मतदान करें।
रैली में मौजूद हजारों समर्थकों ने “बदलाव चाहिए”, “जय श्रीराम” और “मोदी-मोदी” के नारे लगाए। पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल की सांस्कृतिक पहचान, गौरवशाली इतिहास और परंपराओं का सम्मान करते हुए भाजपा राज्य को विकास के पथ पर ले जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीएम मोदी की यह रैली आने वाले चुनावों में अहम भूमिका निभा सकती है। जिस तरह से भाजपा आक्रामक प्रचार कर रही है, उससे साफ है कि पश्चिम बंगाल की सियासत में मुकाबला और भी रोचक होने वाला है।
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