29.2 C
Mumbai
Tuesday, May 19, 2026
होमदेश दुनियातमिलनाडु में बढ़ा सियासी संग्राम, स्टालिन ने लगाए गंभीर राजनीतिक आरोप!

तमिलनाडु में बढ़ा सियासी संग्राम, स्टालिन ने लगाए गंभीर राजनीतिक आरोप!

स्टालिन ने बताया कि विधानसभा में उनके गठबंधन सहयोगियों प्रेमलता विजयकांत, प्रोफेसर जवाहरुल्लाह, थमिमुन अंसारी और नित्यानंदन ने भी सदन से वॉकआउट कर उनका साथ दिया।

Google News Follow

Related

तमिलनाडु की राजनीति में विश्वास मत के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (डीएमके) प्रमुख एमके स्टालिन ने सोशल मीडिया पर एक लंबा बयान जारी करते हुए तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (डीएमके) के प्रमुख एमके स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि उनकी पार्टी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि डीएमके टीवीके सरकार के गठन या उसके बने रहने में कोई बाधा नहीं डालेगी। इसी रुख के तहत टीएमके विधायकों ने विश्वास मत का बहिष्कार किया और सदन से वॉकआउट किया।

स्टालिन ने बताया कि विधानसभा में उनके गठबंधन सहयोगियों प्रेमलता विजयकांत, प्रोफेसर जवाहरुल्लाह, थमिमुन अंसारी और नित्यानंदन ने भी सदन से वॉकआउट कर उनका साथ दिया। उन्होंने इन सभी नेताओं के प्रति आभार जताया। वहीं सीपीआई, सीपीआई (एम), आईयीएमएल और वीसीके जैसे सहयोगी दलों ने राष्ट्रपति शासन की संभावना को रोकने के लिए सरकार के पक्ष में मतदान किया। स्टालिन ने उनके इस निर्णय का भी सम्मान किया।

हालांकि, स्टालिन ने आरोप लगाया कि टीवीके अब उन लोगों का भरोसा तोड़ रही है, जिन्होंने सरकार बनने का रास्ता तैयार किया था। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों में सत्ताधारी दल की गतिविधियों और सहयोगी दलों के बयानों से यह साफ हो गया है कि सरकार “स्वच्छ राजनीति” के अपने वादे से भटक चुकी है।

डीएमके प्रमुख ने टीवीके पर अन्नाद्रमुक के अंदरूनी विवाद का फायदा उठाने और उसके विधायकों को अपने पक्ष में करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो लोग “क्लीन पॉलिटिक्स” का नारा देकर सत्ता में आए थे, वे अब “डर्टी पॉलिटिक्स” में शामिल हो गए हैं।

स्टालिन ने तंज कसते हुए कहा कि जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि यदि सरकार की शुरुआत ही इस तरह की राजनीति से हो रही है, तो आगे क्या होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि तमिलनाडु की जनता सरकार की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है और यह भी देख रही है कि अन्नाद्रमुक से जुड़े विधायकों को किस तरह का “रिटर्न गिफ्ट” दिया जाएगा।

स्टालिन ने अपने बयान के अंत में कहा कि डीएमके अपनी विचारधारा से पीछे नहीं हटेगी और राज्य में एक मजबूत व रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाती रहेगी। उनके इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।

 
यह भी पढ़ें- 

ईरान के साथ युद्ध जारी रहने पर बढ़ सकती हैं ईंधन की कीमतें: आरबीआई गवर्नर!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,442फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
307,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें