‘बिहार का नायक’ पोस्टर से बढ़ा सियासी पारा: आरजेडी-एनडीए आमने-सामने!

यह पोस्टर महागठबंधन द्वारा उन्हें औपचारिक रूप से सीएम फेस घोषित किए जाने के तुरंत बाद लगाया गया, जिससे राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

‘बिहार का नायक’ पोस्टर से बढ़ा सियासी पारा: आरजेडी-एनडीए आमने-सामने!

Political-temperature-rises-with-Hero-of-Bihar-poster-RJD-NDA-face-to-face!

बिहार विधानसभा चुनावी माहौल के बीच राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के पटना स्थित केंद्रीय कार्यालय के बाहर लगाए गए एक बड़े पोस्टर ने नई सियासी हलचल पैदा कर दी है। इस पोस्टर में आरजेडी नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव को “बिहार का नायक” बताया गया है।
यह पोस्टर महागठबंधन द्वारा उन्हें औपचारिक रूप से सीएम फेस घोषित किए जाने के तुरंत बाद लगाया गया, जिससे राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

एनडीए (NDA) नेताओं ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि आरजेडी जानबूझकर इस तरह के पोस्टरों के माध्यम से जनता की भावनाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। एनडीए के प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि “बिहार का नायक” जैसा टैग राज्य के असली नायकों का अपमान है, और चुनावी लाभ पाने के लिए आरजेडी भावनात्मक राजनीति कर रही है।

वहीं, आरजेडी नेताओं का कहना है कि तेजस्वी यादव युवाओं की उम्मीदों के प्रतीक हैं और राज्य के विकास के लिए नई सोच लेकर आए हैं। पार्टी का मानना है कि पोस्टर जनता के विश्वास और उम्मीदों को दर्शाता है, जिसमें तेजस्वी यादव को बदलाव के प्रतीक के रूप में पेश किया गया है।

इस पोस्टर विवाद ने बिहार के सियासी तापमान को और बढ़ा दिया है। एक ओर एनडीए इसे राजनीतिक नाटक बता रहा है, तो दूसरी ओर महागठबंधन इसे जनता के समर्थन का संकेत बता रहा है। चुनावी मौसम में इस तरह की प्रतीकात्मक बयानबाजी और पोस्टर वार से राज्य की राजनीति और अधिक गरमा गई है, जिससे आगामी चुनाव में प्रचार युद्ध और तेज होने की संभावना है।

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