केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को सौंप दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रधानमंत्री की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इसके बाद प्रधानमंत्री की सिफारिश पर प्रल्हाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई।
प्रल्हाद जोशी कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। वर्तमान में वे केंद्र सरकार में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे हैं। इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (इंटरनेशनल सोलर अलायंस) के अध्यक्ष भी हैं।
धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से ऐसे समय इस्तीफा दिया, जब नीट पेपर लीक मामले को लेकर लंबे समय से उनके इस्तीफे की मांग की जा रही थी। इस मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और विभिन्न संगठनों द्वारा कई दिनों तक विरोध-प्रदर्शन किया गया। आंदोलन के बाद सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा भी दिया।
प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की घटनाएं भी सामने आईं। लाठीचार्ज, पुलिसकर्मियों के घायल होने तथा सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाने की खबरें भी सामने आई थीं। इन घटनाओं के बीच सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में नेतृत्व परिवर्तन का फैसला लिया और अब प्रल्हाद जोशी को मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
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