प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे बुधवार को इजरायल की संसद को संबोधित करने का अवसर मिला। मुझे नौ साल बाद आज एक बार फिर से यहां आने का मौका मिला। नौ साल बाद यहां दोबारा आकर मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।
उन्होंने कहा कि मुझे ”स्पीकर ऑफ द नेसेट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। मैं इस सम्मान के लिए संसद, स्पीकर, मेरे मित्र प्रधानमंत्री नेतन्याहू और इजरायल की जनता का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। इस सम्मान को मैं 140 करोड़ भारतीयों और भारत-इजरायल की जनता की मित्रता को समर्पित करता हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि आज की बैठक में हमने अपने सहयोग को नई दिशा और तेज गति देने पर चर्चा की। पिछले साल, आपसी इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने के लिए हमने एक बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट एग्रीमेंट पर साइन किया था। जल्द ही, हम एक आपसी फायदे वाला फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करेंगे। टेक्नोलॉजी हमारी पार्टनरशिप का मुख्य हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि आज हमने समय की कसौटी पर खरी पार्टनरशिप को एक स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा देने का फैसला किया है। यह फैसला हमारे दोनों देशों की उम्मीदों को दिखाता है। हमारा रिश्ता गहरे भरोसे, साझा डेमोक्रेटिक मूल्यों और मानवीय सिद्धांतों के प्रति कमिटमेंट पर टिका है।
पीएम मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि यूपीआई के इस्तेमाल के लिए भी एक एग्रीमेंट पर साइन किया गया है। दोनों देशों के युवाओं, निवेशकों और शोधकर्ताओं को जोड़ना हमारी प्राथमिकता रही है। हमने इंडिया-इजरायल एकेडमिक फोरम की स्थापना की है।
उन्होंने कहा, “आज हमने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देते हुए हम इंडिया मिडल ईस्ट यूरोप इकोनॉमिक कोरिडोर और इंडिया इजरायल यूएई यूएसए (आईटूयूट) पर नई गति से आगे बढ़ेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इजरायल पूरी तरह से स्पष्ट हैं कि दुनिया में आतंकवाद का कोई स्थान नहीं है। किसी भी रूप में, किसी भी अभिव्यक्ति में आतंकवाद को स्वीकार नहीं किया जा सकता। हम कंधे से कंधा मिलाकर आतंकवाद और उनके समर्थकों का विरोध करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।
भारत-इजरायल संबंध: 2006 दौरे से मजबूत साझेदारी, खेती-टेक्नोलॉजी सहयोग बढ़ा पीएम मोदी!



