पंजाब की राजनीति में शनिवार (9 मई)को बड़ा भूचाल उस वक्त आया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने संजीव अरोड़ा को कथित मनी लॉन्ड्रिंग और 100 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी GST खरीद बिल मामले में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से पहले ED ने मंत्री के चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास समेत कई ठिकानों पर करीब 6 से 7 घंटे तक लंबी छापेमारी की गई।
जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 7 बजे ED की टीम लगभग 20 गाड़ियों के काफिले के साथ चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित सरकारी आवास पहुंची। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। मौके पर CIA, CISF और स्पेशल फोर्स के जवान भी तैनात किए गए थे। जांच एजेंसी ने इस दौरान दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले।
सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई। ED ने चंडीगढ़, दिल्ली और गुरुग्राम समेत कुल 4 से 5 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इनमें मंत्री से जुड़ी कंपनियों और हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड के कार्यालय भी शामिल बताए जा रहे हैं।
जांच एजेंसी को संदेह है कि मोबाइल फोन कारोबार से जुड़े नेटवर्क के जरिए 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की फर्जी GST खरीद दिखाई गई। आरोप है कि कई गैर-मौजूद कंपनियों के नाम पर फर्जी बिल तैयार कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लिया गया और बाद में निर्यात प्रक्रिया के जरिए रकम को दुबई से भारत वापस लाया गया। ED अब कथित मनी ट्रेल और वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि पिछले एक साल में संजीव अरोड़ा से जुड़े परिसरों पर यह तीसरी ED रेड है, जबकि एक महीने के भीतर दूसरी बार एजेंसी उनके ठिकानों तक पहुंची है। हाल ही में पंजाब में बिल्डर और कारोबारी नेटवर्क से जुड़े कई मामलों में भी ED सक्रिय रही है। मोहाली के वेस्टर्न टावर में चला करीब 40 घंटे का सर्च ऑपरेशन भी इसी जांच से जुड़ा माना जा रहा है।
कार्रवाई के बाद पंजाब की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया “एक साल में तीसरी बार और एक महीने में दूसरी बार ED संजीव अरोड़ा के घर पहुंची है, लेकिन अब तक कुछ नहीं मिला।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और ED मिलकर विपक्षी नेताओं को डराने की कोशिश कर रहे हैं।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंग चीमा ने भी कार्रवाई को “राजनीतिक साजिश” बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनावी राज्यों में जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर राजनीतिक माहौल प्रभावित करने की कोशिश करती है।
दूसरी ओर, बिक्रम सिंग मजेठिया ने ED की कार्रवाई का स्वागत किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “सब पकड़े जाएंगे।” मजीठिया ने आरोप लगाया कि पंजाब में बड़े स्तर पर आर्थिक गड़बड़ियां हुई हैं और जांच में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
फिलहाल ED की ओर से गिरफ्तारी के बाद आगे की पूछताछ और संभावित रिमांड की तैयारी की जा रही है। वहीं आम आदमी पार्टी इस पूरे मामले को राजनीतिक प्रतिशोध करार दे रही है। आने वाले दिनों में यह मामला पंजाब की राजनीति में और बड़ा विवाद बन सकता है।
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