साथ ही, उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस की रैली की आलोचना की, 1984 के सिख-विरोधी दंगों का जिक्र किया और कांग्रेस नेतृत्व पर आरोप लगाया कि उन्होंने कभी भी सिख समुदाय से माफी नहीं मांगी है।
हरसिमरत कौर बादल ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, “केजरीवाल और उनके 40 चोरों ने पंजाब को लूटा है और उसका शोषण किया है।
1984 के सिख-विरोधी दंगों पर शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा, “यह बहुत ही दर्दनाक है। दिल्ली में जो नरसंहार हुआ, उसे मैंने खुद अपनी आंखों से देखा था। उस समय हम भी दिल्ली में छोटे बच्चे थे, और हमने शहर के हालात देखे थे।”
उन्होंने आगे कहा, “सरकार, कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार ने बेहद क्रूरता के साथ काम किया। जब राजीव गांधी ने कहा कि ‘जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है, तो धरती हिलती है’, तो इस बात का इस्तेमाल हिंसा को सही ठहराने के लिए किया गया। लोगों को उकसाया गया कि वे सिखों को ढूंढ़ें, उन्हें उनके घरों से बाहर खींचें, उनके गले में टायर डालें और उन्हें जिंदा जला दें।”



