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Sunday, October 25, 2026
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इंडो पैसिफिक ऊर्जा सुरक्षा हेतु क्वाड की बड़ी योजना, सप्लाई चेन मजबूत!

क्वाड देशों का मानना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में किसी भी तरह की बाधा का सबसे अधिक प्रभाव इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पर पड़ता है| 

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क्वाड देशों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक संयुक्त बयान जारी किया है। इस बयान में कहा गया है कि इन देशों का साझा लक्ष्य एक ही है, और वह ऊर्जा की आपूर्ति को सुरक्षित, स्थिर और बिना रुकावट के बनाए रखना है।

मंगलवार को नई दिल्ली में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक संयुक्त बयान जारी किया। क्वाड देशों का मानना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में किसी भी तरह की बाधा का सबसे अधिक प्रभाव इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पर पड़ता है, इसलिए इस क्षेत्र की ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।

बयान में कहा गया है कि चारों देश मिलकर एनर्जी मार्केट को स्थिर, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए काम करेंगे। इसके साथ ही तेल, गैस और अन्य जरूरी संसाधनों की सप्लाई चेन को मजबूत और विविध बनाने पर भी जोर दिया गया है, ताकि किसी एक स्रोत पर निर्भरता कम हो सके।

समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा को भी इस समूह ने महत्वपूर्ण बताया है। इसमें यह सुनिश्चित करना शामिल है कि होर्मुज स्ट्रेट समेत दुनिया भर में जहाजों की आवाजाही बेरोक-टोक के जारी रहे जिससे वैश्विक व्यापार सामान्य रूप से चलता रहे। विशेष रूप से महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर स्वतंत्र और सुरक्षित आवागमन को बनाए रखने पर जोर दिया गया है।

छोटे द्वीपीय और विकासशील देशों की ऊर्जा जरूरतों को विशेष रूप से ध्यान में रखने पर जोर दिया गया है। इन देशों का मानना है कि वे ऊर्जा संकट के प्रति अधिक संवेदनशील हैं। क्वाड देश आपातकालीन परिस्थितियों में एक-दूसरे और क्षेत्रीय साझेदारों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सहयोग करेंगे।

बयान के अनुसार, क्षेत्रीय स्तर पर चल रही अलग-अलग पहलें ऊर्जा और संसाधनों की सुरक्षा को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। इनमें जापान की पीओडब्ल्यूआरआर पहल शामिल है, जिसका उद्देश्य ऊर्जा और संसाधन प्रबंधन को अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाना है।

इसी तरह भारत दक्षिण एशिया के देशों को ऊर्जा सुरक्षा में सहयोग दे रहा है, जबकि ऑस्ट्रेलिया दक्षिण-पूर्व एशिया और प्रशांत क्षेत्र में ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और व्यवस्था मजबूत करने में मदद कर रहा है।

ऑस्ट्रेलिया ने इसके लिए 2 अरब डॉलर की निवेश योजना भी शुरू की है। इसके अलावा आसियान देशों के बिजली नेटवर्क को मजबूत करने पर भी काम चल रहा है। साथ ही प्रशांत द्वीप देशों में विकास परियोजनाओं के लिए निवेश और सहायता भी दी जा रही है, ताकि वहां ऊर्जा और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाया जा सके।

नई पहल और भविष्य की योजना पर भी जोर दिया गया है। क्वाड देशों ने “क्वाड इनिशिएटिव ऑन इंडो-पैसिफिक एनर्जी सिक्योरिटी” नामक एक नई पहल शुरू करने की बात कही है। जिसके तहत तकनीक, नीति, ऊर्जा प्रबंधन, अंतरराष्ट्रीय बाजार विश्लेषण और आपात प्रतिक्रिया अभ्यास जैसे क्षेत्रों में सहयोग किया जाएगा।

इसके साथ ही एक “क्वाड फ्यूल सिक्योरिटी फोरम” भी स्थापित किया जाएगा, जहां ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर नियमित चर्चा और समन्वय किया जाएगा।

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