27.2 C
Mumbai
Thursday, July 2, 2026
होमदेश दुनियापश्चिम एशिया संकट का समाधान संवाद से, यूएन चार्टर पालन जरूरी! 

पश्चिम एशिया संकट का समाधान संवाद से, यूएन चार्टर पालन जरूरी! 

पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की और भारत के अपने नागरिकों तथा क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के अधिकार का समर्थन किया।

Google News Follow

Related

भारत में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो आगस्टिन कॉसिनो ने पश्चिम एशिया तनाव के समाधान का रास्ता शांति वार्ता के जरिए बताया। इसके साथ ही पहलगाम हमले की बरसी पर पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनका देश इस मुद्दे पर भारत के साथ है।

बुधवार को आईएएनएस से बात करते हुए पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की और भारत के अपने नागरिकों तथा क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के अधिकार का समर्थन किया।

हमले की पहली बरसी पर कॉसिनो ने कहा कि यह दिन उन लोगों को याद करने और उनके परिवारों व प्रियजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करने का है, जिन्होंने इस आतंकी हमले में अपनों को खोया।

उन्होंने कहा, “हम इस दिन को स्मरण करना चाहते हैं, विशेष रूप से उन लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए जो इस हमले में मारे गए, उनके परिवारों और प्रियजनों के साथ खड़े होने के लिए, और आतंकवाद तथा उसके हर रूप की पूरी तरह निंदा करने के लिए।”

राजदूत ने कहा कि अर्जेंटीना आतंकवाद के खतरे को समझता है और इस मुद्दे पर भारत के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा, “हम भारत सरकार का समर्थन करते हैं और जानते हैं कि आतंकवाद क्या होता है।”

वैश्विक परिदृश्य पर बात करते हुए कॉसिनो ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव समेत मध्य-पूर्व की जटिल परिस्थितियों का उल्लेख किया और उम्मीद जताई कि शांति वार्ताओं के जरिए समाधान निकलेगा।

उन्होंने कहा, “हर कोई चाहता है कि यह संघर्ष समाप्त हो। हमें उम्मीद है कि शांति प्रयास जारी हैं और वे दुनिया तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता लाएंगे।”

महाशक्तियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा (खासकर अमेरिका और चीन के संदर्भ में) पर राजदूत ने कहा कि सभी देशों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के तहत मिलकर काम करना चाहिए ताकि वैश्विक शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि तेल अभी भी वैश्विक राजनीति में एक महत्वपूर्ण कारक बना हुआ है, हालांकि कई देश ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने भारत की इस रणनीति को “सही दिशा में कदम” बताया और कहा कि अर्जेंटीना भविष्य में भारत के लिए खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा में भी अहम भागीदार बन सकता है।

अंत में, भारत-अर्जेंटीना संबंधों पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने के प्रयास जारी हैं और निकट भविष्य में उच्च स्तरीय बैठकों के फिर से शुरू होने की उम्मीद है।

 
यह भी पढ़ें-

मंदिरों पर नियंत्रण के पक्ष में नहीं सरकार, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में रुख किया साफ़

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,195फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
318,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें