राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक रीतलाल यादव ने बुधवार (16 अप्रैल) को पटना के दानापुर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। उन पर एक बिल्डर ने रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। इस मामले में यादव के वकील ने दावा किया कि विधायक को फर्जी मामले में फंसाया गया है।
पुलिस ने हाल ही में पटना के दानापुर सहित अन्य इलाकों में रीतलाल यादव के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस मामले में एक बड़े बिल्डर ने विधायक पर रंगदारी की मांग करने और धमकी देने का आरोप लगाया था, जिसके बाद यादव और उनके अन्य साथियों ने दानापुर कोर्ट में सरेंडर किया।
विधायक रीतलाल यादव के वकील ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “मेरे क्लाइंट विधायक को एकदम यह पता चला कि उनके विरुद्ध उस बिल्डर ने बनावटी और झूठा केस दर्ज किया है। उस बिल्डर के साथ न तो उनकी कोई बातचीत थी, न ही वे उसे जानते हैं।”
वकील ने आगे कहा, “यह केस उसने किसके कहने पर किया, किसके उकसावे पर किया और किस षड्यंत्र के तहत किया, यह कह पाना फिलहाल मुश्किल है। लेकिन जो स्पष्ट है, वह यह कि मेरे क्लाइंट पर एक झूठा और बनावटी मामला दर्ज किया गया है।” उन्होंने यह भी बताया कि जैसे ही विधायक को इस मामले का पता चला, उन्होंने अदालत में आत्मसमर्पण का फैसला लिया।
आत्मसमर्पण करने वालों में विधायक रीतलाल यादव के अलावा उनके सहयोगी चिक्कू, पिंकू यादव और सरवन भी शामिल हैं, जो सभी ने बुधवार को दानापुर कोर्ट में सरेंडर किया।
वकील ने जानकारी दी कि अभी तक जमानत याचिका दाखिल नहीं की गई है। यह मामला खगोल थाना में दर्ज किया गया था और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, न्यायालय ने सभी अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वकील ने दावा किया कि उनके क्लाइंट पूरी तरह से निर्दोष हैं और वे जल्द ही कानून के तहत अपनी बेगुनाही साबित करेंगे।
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