विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने पटना से लखनऊ आ रही इंडिगो की फ्लाइट पर बिजली गिरने का खौफनाक मंजर को बयां किया। उन्होंने बताया कि उस समय फ्लाइट में मौजूद सभी यात्रियों ने मान लिया था कि अब वो नहीं बचेंगे, लेकिन प्रभु श्री राम की कृपा और पायलट की सूझबूझ से सुरक्षित लैंडिंग हुई। इस साहस के लिए पायलट को भारत रत्न दिया जाना चाहिए।
गुरुवार को घटना के खौफनाक मंजर को बयां करते हुए गोपाल राय ने आईएएनएस को बताया, “इंडिगो की फ्लाइट दोपहर 3 बजकर 10 मिनट पर पटना से लखनऊ के लिए रवाना हुई थी, जिसमें हम सवार थे। फ्लाइट में लगभग 100 से ज्यादा यात्री थे, पूरी फ्लाइट भरी नहीं थी, जबकि आमतौर पर इसमें 300 के आसपास यात्री होते हैं।
उड़ान के लगभग 30 मिनट तक सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। अचानक एक भयंकर काला घेरा जैसा दिखाई दिया। उसी बीच जोर से ‘तड़ाम’ की आवाज आई। हमें लगा कि इंजन में कोई गड़बड़ी आ गई है। फ्लाइट 10-10 फीट करके लगभग 100 फीट नीचे चली गई और फिर जोर लगाकर ऊपर आई। यह फ्री फॉल जैसा था, मतलब 100 फीट नीचे जाना और फिर 200-300 फीट ऊपर आ जाना। यह बहुत डरावना था।
कभी फ्लाइट इधर जा रही थी, तो कभी उधर। लगा कि विमान का बैलेंस बिगड़ गया है। एक पल के लिए तो हमने सोचा कि कहीं पायलट किसी नशे में तो नहीं है, लेकिन क्रू मेंबर ने कहा कि ऐसा हो ही नहीं सकता, क्योंकि पायलटों की बकायदा जांच होती है।”
गोपाल राय ने कहा, “हम ही नहीं, फ्लाइट में मौजूद सभी लोगों ने समझ लिया था कि आज आखिरी दिन है, लेकिन प्रभु श्री राम की कृपा से हम सब बच गए। उसके बाद फ्लाइट कभी स्लो हो रही थी, तो कभी तेज स्पीड पकड़ ले रही थी। मैं पिछले 25 साल से हवाई यात्रा कर रहा हूं, लेकिन ऐसा अनुभव कभी नहीं हुआ था। इसलिए डरना स्वाभाविक था। विमान में बच्चे भी रो रहे थे।”
उन्होंने बताया, “जब फ्लाइट सही पोजीशन पर चलने लगी, तब हमने महिला क्रू मेंबर से पूछा कि यह क्या था? तो उन्होंने कहा, ‘सर मैं भी घबरा गई थी। मुझे भी नहीं पता कि क्या हुआ, लेकिन कभी-कभी मौसम की वजह से ऐसा हो जाता है।
हमारी शिकायत पायलट तक पहुंच चुकी थी। लैंडिंग के बाद पायलट गेट पर क्रू के साथ खड़ा था। हमने उनसे पूछा कि ऐसा क्यों हुआ? पायलट ने जवाब दिया कि सर, मैं भी 25 साल से पायलट हूं और मेरे साथ भी ऐसा कभी नहीं हुआ।’
गोपाल राय ने बताया कि यात्रा के बाद जब मीडिया में खबरें देखीं, तब समझ आया कि मामला कितना गंभीर था। उन्होंने फ्लाइट के अंदर के मंजर का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया, “एक लड़की जिसकी उम्र लगभग 30 साल रही होगी, जो अयोध्या की डॉक्टर थी, वह रोते-रोते अपनी मां को टाइप करके मैसेज भेज रही थी – ‘मम्मी, अब नहीं लगता कि बचूंगी।’
उस समय की स्थिति ऐसी थी कि अगर किसी के पास अंदर का वीडियो होता, तो हर कोई यही कहता कि अब बचना मुश्किल है। प्रभु श्री राम के आशीर्वाद से हम सभी लोग वापस आ गए। जरूर हमने कोई अच्छे कर्म किए थे।”
पायलट की तारीफ करते हुए गोपाल राय ने कहा, “मैं पायलट को बधाई देना चाहता हूं। मैं भारत सरकार और प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं कि ऐसे पायलट को भारत रत्न दिया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने 150 लोगों की जान बचाई है।
ऐसी स्थिति में कोई भी घबरा जाता है, अपना आपा खो बैठता है। हम लोग तो समझ रहे थे कि पायलट सही दिशा में काम नहीं कर रहा है या इंजन में खराबी है, लेकिन पायलट की सूझबूझ से ही हम लोग सुरक्षित लखनऊ पहुंच पाए, इसलिए मैं पायलट को नमन करता हूं।”
पटना से लखनऊ आ रही इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6ई925 बुधवार को एक बड़े हादसे का शिकार होते-होते बची। खराब मौसम के बीच करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर विमान पर अचानक आकाशीय बिजली गिरी, जिससे विमान का अगला हिस्सा यानी नोज बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन पायलट की सूझबूझ से विमान की सुरक्षित लैंडिंग करा ली गई।
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