संजय राउत को सीएम फडनवीस की आलोचना का हक नहीं : चौधरी!

संजय राउत को देवेंद्र फडणवीस की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है, इसलिए संजय राउत को आलोचना बंद कर देनी चाहिए। 

संजय राउत को सीएम फडनवीस की आलोचना का हक नहीं : चौधरी!

Sanjay-Raut-has-no-right-to-criticize-Chief-Minister-Fadnavis-Vijay-Chaudhary

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के बयान पर भाजपा महासचिव विजय चौधरी ने रविवार को पलटवार किया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस के मुंबई महापालिका को गुजरातियों के हाथ में देने की कोशिश के बयान पर उन्होंने कहा कि राउत को आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शिवसेना (यूबीटी) ने महापालिका को लूटने का काम किया है।

विजय चौधरी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि संजय राउत को देवेंद्र फडनवीस की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है, इसलिए संजय राउत को आलोचना बंद कर देनी चाहिए।

शिवसेना (यूबीटी) ने हमेशा मराठी का नारा लगाकर वोट जुटाए, लेकिन मराठी समाज और जनजाति के लिए कोई काम नहीं किया है। इन्होंने मुंबई महापालिका को डुबोने का काम किया है। मराठी लोगों की जेब से महापालिका में अलग-अलग टैक्स के रूप में पैसे आए। शिवसेना (यूबीटी) ने महापालिका को लूटने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र विकास कर रहा है। ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ से हमारे नेता महाराष्ट्र को आगे लेकर जा रहे हैं। महाराष्ट्र का विकास इनको हजम नहीं हो रहा है। इसलिए, ये जानबूझकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

भाजपा महासचिव ने राज्य की मौजूदा महायुति सरकार की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस, प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले और कार्यकारी अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के नेतृत्व पर जनता का भरोसा है।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दूसरे दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जनता का भरोसा खो दिया है। फडनवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र बड़े पैमाने पर विकास कर रहा है। एनसीपी (एसपी) नेता शरद पवार की कथनी और करनी में बहुत अंतर है, यह पूरे देश ने देखा है। शरद पवार के बोलने पर किसको भरोसा है? वह बोलते क्या हैं और करते क्या हैं?

यह भी पढ़ें-

झारखंड: राजद अध्यक्ष चुनाव में विवाद, दो उम्मीदवारों के नामांकन रद्द!

Exit mobile version