बहुचर्चित नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में बुधवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसके बाद अदालत ने 2 जुलाई से 8 जुलाई तक प्रतिदिन सुनवाई करने का निर्णय लिया है। इस मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत चार्जशीट दायर की है।
सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में उपस्थित होकर यह मांग की कि उन्हें चार्जशीट की प्रति हाल ही में मिली है, इसलिए उसे पढ़ने और तैयार होने के लिए समय दिया जाए। उन्होंने सुनवाई को जुलाई तक टालने की मांग की।
इस पर ईडी के वकील एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू ने आपत्ति जताई और कहा कि चार्जशीट पहले ही उपलब्ध कराई जा चुकी थी और 21 मई की तारीख तय थी, तब यह मांग नहीं उठाई गई थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आदेश दिया कि अब 2 से 8 जुलाई तक लगातार सुनवाई होगी और जिन आरोपियों के वकील उपस्थित नहीं होंगे, उनकी गैरमौजूदगी में भी सुनवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
ईडी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि:
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सोनिया गांधी को मुख्य आरोपी और राहुल गांधी को दूसरा आरोपी बनाया गया है।
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अन्य आरोपियों में सुमन दुबे, सैम पित्रोदा, यंग इंडियन, डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड और सुनील भंडारी शामिल हैं।
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ईडी का आरोप है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी की कंपनी ‘यंग इंडियन’ ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की ₹2000 करोड़ से अधिक की संपत्ति सिर्फ ₹50 लाख में हासिल की, जिससे उन्हें करीब ₹142 करोड़ का फायदा हुआ।
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आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के तहत आती है, जिसमें कुल ₹988 करोड़ की अवैध कमाई की गई।
ईडी ने PMLA की धारा 3 का हवाला देते हुए कहा कि संपत्ति पर आरोपियों का कब्जा था और उससे प्राप्त किराया भी अपराध से अर्जित आय है।
यह पहला मौका है जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, जिनमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी शामिल हैं, के खिलाफ किसी आपराधिक मामले में चार्जशीट दाखिल की गई है।
यह चार्जशीट PMLA की धारा 3, 4, 44, 45 और 70 के तहत दायर की गई है। इस मामले की जांच 2014 में मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के आदेश पर शुरू की गई थी। अब तक ईडी ने AJL और यंग इंडियन की करीब ₹751.9 करोड़ की संपत्तियां जब्त की हैं।
कोर्ट की निगरानी में अब रोजाना सुनवाई से यह साफ है कि यह मामला निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ रहा है। कांग्रेस के लिए यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है। अब निगाहें 2 जुलाई से शुरू होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां ईडी अपने साक्ष्य प्रस्तुत करेगी और कांग्रेस नेता अपना पक्ष रखेंगे।
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