वेणुगोपाल ने गुरुवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “ये पूरी तरह अफवाहें हैं। हमारी कम्युनिकेशन सेक्रेटरी पहले ही इस बारे में स्पष्ट कर चुकी हैं। इन बातों का कोई आधार नहीं है।”
उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने हाल ही में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की थी। हालांकि, इन मुलाकातों को लेकर उठ रही अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सामान्य राजनीतिक चर्चा थी।
केसी वेणुगोपाल ने कहा, “यह इंडिया ब्लॉक से जुड़ी चर्चाओं का विस्तार था। सभी दल इंडिया ब्लॉक को मजबूत करना चाहते हैं और इस सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक लड़ाई को मजबूत करना चाहते हैं। चर्चा का विषय सिर्फ यही था, इसके अलावा कुछ नहीं।”
दरअसल, मंगलवार को ममता बनर्जी की सोनिया गांधी से वन-टू-वन मीटिंग और बुधवार को अभिषेक बनर्जी की राहुल गांधी से अलग बैठक के बाद टीएमसी और कांग्रेस के दोबारा एक होने की अटकलें तेज हो गई थीं।
हालांकि, पश्चिम बंगाल विधानसभा में टीएमसी विधायक दल के नए और बहुमत वाले गुट के नेता तथा विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कांग्रेस और टीएमसी के विलय की किसी भी संभावना से साफ इनकार कर दिया है।
इस बीच कांग्रेस ने अगले तीन महीनों के लिए देशव्यापी अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता महंगाई, बेरोजगारी, परीक्षा घोटालों, सामाजिक असमानता और खाड़ी क्षेत्र के संघर्ष के बाद कमजोर हुई कूटनीति जैसे मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरेंगे।
उन्होंने कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला, एफआईआर या चार्जशीट नहीं है। केवल अदालत के एक नोटिस की जानकारी न देने के आधार पर उनका नामांकन खारिज किया गया।
टीएमसी छोड़ने पर बोलीं सुष्मिता देव, राजनीतिक और व्यक्तिगत कारण!
