कांग्रेस कार्यसमिति की शुक्रवार को बैठक होने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बैठक में सरकार द्वारा जातीय जनगणना कराने के फैसले पर चर्चा होगी। बुधवार को ही केंद्र सरकार ने जातीय जनगणना कराने का एलान किया है। जातीय जनगणना, जनसंख्या जनगणना के साथ ही होगी। देश की आजादी के बाद पहली बार देश में जातीय जनगणना होगी।
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक शुक्रवार शाम चार बजे पार्टी के 24 अकबर रोड स्थित पार्टी मुख्यालय पर होगी। इस बैठक में सरकार के एलान के बाद आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
इससे पहले 24 अप्रैल को भी कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई थी, जिसमें पहलगाम हमले के बाद सरकार के साथ एकजुटता दिखाने का फैसला किया गया था। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार द्वारा ‘अचानक’ लिए गए इस फैसले का स्वागत किया।
राहुल गांधी ने भाजपा द्वारा 11 साल तक जातीय जनगणना का विरोध करने के बाद अचानक से इसे कराने का एलान करने पर हैरानी भी जताई और कहा कि अब उनका जोर इस बात पर है कि सरकार जातीय जनगणना कराने के लिए एक समयसीमा तय करे।
राहुल गांधी ने आशंका जताई कि महिला विधेयक की तरह जातीय जनगणना को भी लंबे समय तक लटकाया जा सकता है। यही वजह है कि वे सरकार से एक तय समय बताने की मांग कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने आशंका जताई कि महिला विधेयक की तरह जातीय जनगणना को भी लंबे समय तक लटकाया जा सकता है। यही वजह है कि वे सरकार से एक तय समय बताने की मांग कर रहे हैं।
लोकसभा में नेता विपक्ष ने ये भी कहा कि कांग्रेस द्वारा सरकार पर जातीय जनगणना के लिए जो दबाव बनाया गया, उसी का नतीजा है कि सरकार जातीय जनगणना के लिए तैयार हुई है। गौरतलब है कि कांग्रेस द्वारा लंबे समय से जातीय जनगणना की मांग की जा रही है।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों ने चुनाव के दौरान भी इसे मुद्दा बनाने की कोशिश की। कुछ राज्यों जैसे बिहार, तेलंगाना, कर्नाटक जैसे राज्यों में जातीय सर्वे कराए भी गए हैं।
बुधवार को सरकार के फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जनगणना कराना केंद्र सरकार का अधिकार है, लेकिन कुछ राज्य सर्वे के नाम पर अपारदर्शी तरीके से जातीय जनगणना करा रहे हैं, जिससे समाज में भ्रम की स्थिति पैदा हुई है।
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