सुप्रीम कोर्ट ने की शांतिपूर्ण मतदान और रिकॉर्ड वोटिंग की सराहना

सुप्रीम कोर्ट ने की शांतिपूर्ण मतदान और रिकॉर्ड वोटिंग की सराहना

Supreme Court praises peaceful polling and record voting

सर्वोच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान और हिंसा-मुक्त चुनाव प्रक्रिया की सराहना की है। अदालत ने कहा कि उच्च मतदान प्रतिशत लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करता है और यह दर्शाता है कि मतदाता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो रहे हैं।

पहले चरण का मतदान गुरुवार (23 अप्रैल)को संपन्न हुआ, जिसमें 92.88 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। यह आंकड़ा राज्य में स्वतंत्रता के बाद का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है। इससे पहले 2011 के विधानसभा चुनाव में 84.72 प्रतिशत मतदान हुआ था। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने कहा,“भारत के नागरिक के तौर पर, मुझे वोटिंग परसेंटेज देखकर बहुत खुशी हुई। जब लोग अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे डेमोक्रेटिक सिस्टम मजबूत होता है।”

वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बॅनर्जी द्वारा उच्च मतदान का उल्लेख किए जाने पर मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की,“अगर लोगों को अपने वोट की ताकत का एहसास हो जाए, तो वे हिंसा में शामिल नहीं होंगे।”

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी मतदान को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर चुनाव शांतिपूर्ण रहा। पीठ में शामिल न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची ने कहा, संघर्ष भले ही सत्ता के बीच हो, लेकिन इसका असर आम लोगों पर पड़ता है।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस बार महिलाओं ने पुरुषों से अधिक भागीदारी दिखाई। महिला मतदाताओं का प्रतिशत 92.69 रहा, जबकि पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत 90.92 दर्ज किया गया। तीसरे लिंग के मतदाताओं की भागीदारी 56.79 प्रतिशत रही।

भारत निर्वाचन आयोग ने मतदान में वृद्धि का श्रेय कई मतदाता-अनुकूल उपायों को दिया है, जिनमें बेहतर मतदाता सूचना पर्चियां, प्रति बूथ कम मतदाता संख्या और दिव्यांगों के लिए विशेष सहायता शामिल हैं।

इस बीच, सर्वोच्च न्यायलय ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़े एक मामले में कुछ याचिकाकर्ताओं को राहत देने से इनकार कर दिया। इनमें लगभग 65 चुनाव ड्यूटी अधिकारी भी शामिल थे, जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए थे। अदालत ने स्पष्ट किया कि वे मौजूदा चुनाव में मतदान नहीं कर सकेंगे।

हालांकि, अदालत ने उन्हें अपीलीय ट्रिब्यूनल के समक्ष जाने की अनुमति दी है, जो मतदाता सूची से नाम हटाने से संबंधित मामलों की सुनवाई करेंगे।अदालत की टिप्पणी और आंकड़े यह संकेत देते हैं कि पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव प्रक्रिया व्यापक भागीदारी और अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो रही है, जो लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

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