केंद्र सरकार द्वारा दूध और डेयरी उत्पादों पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का फैसला लागू हुए तीन दिन हो चुके हैं, लेकिन राज्य-नियंत्रित डेयरी ब्रांड आविन ने अभी तक दूध की कीमतों में कोई कटौती नहीं की है। इससे उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय किसान और उपभोक्ता सेतुरामन ने कहा, “केंद्र सरकार का जीएसटी कम करने का निर्णय सराहनीय है। इससे दूध, घी और पनीर जैसे उत्पाद सस्ते होने चाहिए थे। लेकिन आविन की कीमतें अब तक कम नहीं हुई हैं। आधा लीटर दूध 34 रुपये का ही बिक रहा है, जबकि इसे 30 रुपये होना चाहिए।” उन्होंने राज्य सरकार और पशुपालन मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
उपभोक्ताओं की बढ़ती नाराजगी
तमिलनाडु के अन्य हिस्सों से भी उपभोक्ताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। अंबत्तूर निवासी वेंकटेश ने कहा कि यदि दूध की कीमतें नहीं घटतीं और सिर्फ अन्य कंपनियां कटौती करती हैं तो उपभोक्ता सीधे नुकसान में रहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दूध सस्ता नहीं हुआ और अन्य डेयरी उत्पाद महंगे बने रहे, तो जीएसटी कटौती का असली उद्देश्य विफल हो जाएगा।
दूसरी कंपनियों ने दी राहत
केंद्र सरकार का यह फैसला 22 सितंबर 2025 से लागू हुआ। इसके बाद देश की प्रमुख डेयरी कंपनियों ने तुरंत दाम घटा दिए। अमूल ने अपने 700 से अधिक उत्पादों की कीमत कम की, कर्नाटक की नंदिनी ने घी का रेट 650 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 610 रुपये कर दिया। वहीं मदर डेयरी ने भी यूएचटी मिल्क, पनीर, घी, मक्खन और चीज सस्ते कर दिए।
उपभोक्ता संगठन और किसान समूह अब तमिलनाडु सरकार से मांग कर रहे हैं कि वह आविन को जल्द से जल्द जीएसटी कटौती का लाभ आम जनता तक पहुंचाने का निर्देश दे। लोगों का कहना है कि जब बाकी ब्रांड राहत दे रहे हैं तो राज्य की अपनी ब्रांड पर देरी का कोई औचित्य नहीं है। सवाल यह है कि तमिलनाडु सरकार कब कदम उठाएगी और आविन के उपभोक्ताओं को राहत कब तक मिलेगी।
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